
नैनीताल, 03 नवम्बर (वार्ता) उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल के पाइंस श्मशान घाट को मोटर मार्ग से जोड़ने के मामले में दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए वन विभाग को एक माह में वन भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव पर विचार करने को कहा है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की ओर से खंडपीठ ने अधिवक्ता मनोज साह जगाती की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश जारी किये। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि नैनीताल स्थित पाइंस श्मशान घाट को जोड़ने के लिए सड़क मार्ग नहीं है। भवाली मुख्य मार्ग से घाट तक शव को कंधे में लेकर जाना पड़ता है। बुजुर्ग और दिव्यांग जन सड़क मार्ग के अभाव में अपने परिजन की शव यात्रा में घाट तक नहीं पह़ुुंच पाते हैं।
जिलाधिकारी एवं कमिश्नर की संस्तुति पर मोटर मार्ग का सर्वे काफी समय पहले हो चुका है, लेकिन अभी तक सड़क का निर्माण नहीं हुआ है।
वन विभाग की ओर से कहा गया कि वन विभाग की ओर से इसे नगर पालिका को लीज पर दिया गया था। श्मशान घाट की लीज समाप्त हो गई है। इसके बाद खंडपीठ ने निर्देश दिए कि नगर पालिका लीज नवीनीकरण के लिए 10 दिन में प्रस्ताव वन विभाग को सौंपे और वन विभाग एक महीने में उस पर निर्णय करें। खंडपीठ ने यह भी कहा कि नोडल अधिकारी लीज नवीनीकरण के दो सप्ताह के अंदर उसे परिवेश पोर्टल पर अपलोड करें।
