
भोपाल। कांग्रेस के “छात्रों की गूंज” अभियान के तहत रविवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के समीप स्थित सिंधु भवन में आयोजित “संविधान संवाद” कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार ने मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में छात्रों ने शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा के निजीकरण, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, नीट पेपर लीक विवाद, बढ़ती फीस, छात्र राजनीति और रोजगार के अवसरों की कमी जैसे विषयों पर चिंता व्यक्त की। छात्रों ने कहा कि लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों, महंगी होती उच्च शिक्षा और भविष्य की अनिश्चितता से युवाओं में निराशा बढ़ रही है।
अपने संबोधन में कन्हैया कुमार ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की बात करते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आज छात्र पेपर लीक, शिक्षा के निजीकरण, बढ़ती फीस और बेरोजगारी जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से संविधान के मूल्यों और शिक्षा के अधिकार की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के समन्वयक एवं “छात्रों की गूंज” अभियान के संयोजक डॉ. अंशुल त्रिवेदी ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य आदिवासी, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं लोकतांत्रिक तरीके से रखने का मंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बननी चाहिए।
एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने कहा कि अभियान आगे भी छात्रों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाता रहेगा। कार्यक्रम में विभिन्न छात्र संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
