नीमच: जिला स्तर पर प्राथमिक-माध्यमिक स्तर के स्कूलों को मान्यता देने के लिए पहले बीआरसी स्तर सत्यापन किया जाना है। फिर डीपीसी स्तर से मान्यता दी जाएगी। जिले में 360 में से 317 ने नवीनीकरण और नवीन मान्यता के लिए आवेदन किए थे। इसमें से बीआरसी स्तर से 308 सत्यापन के लिए लॉक किए थे। अंतिम तारीख 31 मार्च से पहले जिले में डीपीसी स्तर पर 65 फीसदी सत्यापन पूर्ण कर निराकरण पूर्ण हो चुका है।
43 स्कूलों ने आवेदन ही नहीं किया है। इससे इनकी मान्यता समाप्त हो जाएगी।कक्षा 1 से 8वीं तक पढ़ाई करवाने वाले अशासकीय स्कूलों को संचालन के लिए हर तीन साल में शिक्षा विभाग से मान्यता लेना होती है। इस बार मान्यता के नियमों में बदलाव किया है। इसमें किराये के भवनों में संचालित स्कूलों को रजिस्टर्ड किरायानामा दिखाना है.
लेकिन जिले में 80 फीसदी के किरायानामा नहीं हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही थी कि अगले सत्र से ये स्कूल बंद हो जाएंगे और इनमें पढ़ रहे हजारों बच्चों के
भविष्य पर भी संकट आ जाएगा।इसे लेकर कुछ संचालक हाईकोर्ट गए। हाईकोर्ट ने इन्हें राहत देते हुए अंतरिम रोक लगाई है। मामले में अगली सुनवाई 7 मई-2025 को है।
