
ग्वालियर। शहर के ईसाई समुदाय ने आज “ऑल सोल्स डे” सभी मृत विश्वासियों की याद में मनाया। समाज के लोगों ने अपने मृत परिजनों की कब्र की साफ सफाई कर सुंदर बनाया।
समाजबंधुओं ने कहा कि इन कब्रों से सिर्फ मिट्टी और पत्थरों का रिश्ता नहीं है, बल्कि इनसे बहुत सारी यादें, प्यार एवं अपनेपन की भावनाएं जुड़ी हैं। जिन लोगों के साथ कभी हंसते बोलते थे, आज उन्हीं की कब्रों को अपने हाथों से संवारते हैं। कुछ अपने भले ही हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनसे जुड़ी यादें आज भी हमारे दिलों में जिंदा हैं।
इसी श्रखंला में शाम 4 बजे घोसीपुरा कैथोलिक कब्रिस्तान में माला विनती के पश्चात ग्वालियर धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष जोसेफ तायकाटील, ग्वालियर धर्मप्रांत के विकार जनरल एवं संत जॉन महागिरजाघर के पल्ली पुरोहित फादर जोसफ चक्कालकल,संत पॉल चर्च के पल्ली पुरोहित फादर लॉरेंस डिसूजा, संत जोसफ हॉस्पीटल के निर्देशक एवं धर्मप्रांत के फाईनेंस एडमिनिस्ट्रेटर फादर पायस, फादर प्रताप टोप्पो, फादर जोसफ एम.ए एवं ग्वालियर धर्मप्रांत के अन्य पुरोहितों द्वारा मृत आत्माओं की शांति के लिए मिस्सा बलिदान अर्पित किया गया। मिस्सा में पहला पाठ अर्पित इस्टीफन, दूसरा पाठ रिचर्ड सिरील, निवदेन श्रीमती नीतू जॉन एवं सुसमाचार फादर विंसेंट सोरिस ने पढा।
ग्वालियर धर्मप्रांत के प्रवक्ता एबिल एक्सट्रॉस नें बताया कि फादर पायस ने अपने संदेश में तीन बातों पर प्रकाश डाला कि पहली आप अपने मृत भाई बहनों को प्रेम से याद कीजिए, उनके लिए प्रार्थना कीजिए एवं भलाई के कार्य करें। उन्होंने कहा कि यहां हमारे करीबी लोग सो रहे हैं वे शारीरिक रूप से हमारे साथ नहीं है पर आत्मिक रूप से हमारे लिए प्रार्थना कर रहे हैं। सभी धर्मों में अलग-अलग तरीके से दिवंगत आत्माओं को याद किया जाता है। कोई अरदास करता है कोई श्राद्ध करता है, कोई दुआ करता है, हम कैथोलिक भाई बहन कब्रिस्तान में उनके लिए फूल चढ़ाकर मोमबत्ती जलाकर प्रार्थना करते हैं मिस्सा बलिदान चढ़ाते हैं।
मिस्सा के पश्चात सभी कब्रों पर धर्माध्यक्ष एवं पुरोहितों द्वारा पवित्र जल छिड़क कर मृत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई। इस अवसर पर दूर -दराज से आए परिजन ने अपने परिवार के मृत सदस्यों की कब्रों पर फूलमाला, लोबान, अगरबत्ती एवं मोमबत्ती लगा कर उनको याद किया एवं उनकी आत्मशांति के लिए प्रार्थना की।
