
जबलपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के मेडिकल प्रभाग द्वारा संचालित नशा मुक्त भारत अभियान का शुभारम्भ जबलपुर के प्रेमनगर स्थित शिव उपहार भवन में हुआ। कार्यक्रम में राजयोग मेडिटेशन के अभ्यास से स्थायी रूप से नशा मुक्त हुए 142 विजयी योद्धाओं को सम्मानित किया गया।
माउंट आबू से पधारे डॉ. बनारसी लाल शाह (सेक्रेटरी, ब्रह्माकुमारीज मेडिकल विंग) ने बताया कि राजयोग मेडिटेशन के नियमित अभ्यास से मस्तिष्क में सकारात्मक हार्मोन्स का स्राव होता है, जिससे नशे की लत धीरे-धीरे समाप्त होती है। उन्होंने बताया कि देशभर में 36 नशा मुक्ति रथों के माध्यम से अब तक साढ़े चार करोड़ से अधिक लोग नशा मुक्ति का संकल्प ले चुके हैं।
ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी (क्षेत्रीय निदेशिका, इंदौर जोन) ने कहा कि दृढ़ संकल्प और आध्यात्मिक शक्ति से व्यक्ति हर प्रकार के नशे से मुक्त हो सकता है। ब्रह्माकुमारी विमला दीदी ने स्वागत भाषण में राजयोग को आत्मबल और सकारात्मक सोच का सशक्त माध्यम बताया।मुख्य अतिथि रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय कुलगुरु प्रो. डॉ राजेश वर्मा ने कहा कि अपने भीतर की कमजोरियों पर विजय पाना ही सच्ची वीरता है। ब्रह्माकुमारी संस्था का नशा मुक्ति अभियान समाज के लिए अत्यंत सराहनीय सेवा है। विशेष अतिथि डॉ. अरविन्द शर्मा (सुपरिन्टेन्डेन्ट, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस मेडिकल कॉलेज) ने नकारात्मकता से दूर रहकर सकारात्मक वातावरण बनाने पर जोर दिया। डॉ. ऋचा शर्मा (अध्यक्षा, आईएमए जबलपुर) एवं हेमंत सोलंकी (जिला संयोजक, नशा मुक्ति कार्यक्रम) ने भी शुभकामनाएं दीं। समारोह में विजयी योद्धाओं को मेडल, शॉल, प्रमाण पत्र, ईश्वरीय सौगात, ताज एवं बैच प्रदान कर सम्मानित किया गया। अंत में ब्रह्माकुमारी उषा ने आभार व्यक्त किया तथा मंच संचालन ब्रह्माकुमार विजय ने किया।
