चंडीगढ़, पंजाब की राजनीति में लगातार दूसरे दिन बड़ा सियासी भूचाल देखने को मिला है। पूर्व आईपीएस अधिकारी और अमृतसर नॉर्थ सीट से आम आदमी पार्टी (AAP) के निलंबित विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र ईमेल, व्हाट्सएप और इंडिया पोस्ट के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष को भेज दिया है। कुंवर विजय प्रताप ने खुद सोशल मीडिया पर इस फैसले की जानकारी साझा की और अमृतसर की जनता के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। गौरतलब है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में आम आदमी पार्टी ने उन्हें जून 2025 में 5 साल के लिए सस्पेंड कर दिया था, जिसके बाद से ही उनके और पार्टी के बीच दूरियां बढ़ गई थीं।
पंजाब को नशा, भ्रष्टाचार और गैंगस्टरिज़्म से मुक्त कराने का जताया संकल्प, बेअदबी और कोटकपूरा केस की जांच से रहे थे चर्चा में
अपने संदेश में कुंवर विजय प्रताप सिंह ने कहा कि उन्होंने विधायक के तौर पर अपने 90 प्रतिशत लक्ष्यों को पूरा किया है और राजनीति में ‘माई-बाप’ कल्चर को खत्म कर जनता के हितों के लिए निडरता से आवाज उठाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका एकमात्र मकसद ‘पंजाब फर्स्ट’ है और वे राज्य को नशे, जबरन वसूली, गैंगस्टरिज़्म और भ्रष्टाचार के चंगुल से आजाद कराने के लिए काम करते रहेंगे। बता दें कि 2021 में आईपीएस पद से वीआरएस लेने वाले कुंवर विजय प्रताप ने 2015 के बरगाड़ी बेअदबी और कोटकपूरा गोलीकांड की जांच कर रही एसआईटी (SIT) की अगुवाई की थी, जिसके बाद वे 2022 में आप के टिकट पर विधायक चुने गए थे।
आम आदमी पार्टी में इस्तीफों की झड़ी और चुनावी सरगर्मियों के बीच उठा कदम, 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी
कुंवर विजय प्रताप का यह इस्तीफा पटियाला जिले के दो अन्य आप विधायकों—सनौर से हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से चेतन सिंह जोरमाजरा के पार्टी से नाता तोड़ने के ठीक बाद सामने आया है। राज्य में आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर आप द्वारा जारी की गई 40 उम्मीदवारों की पहली सूची के बाद पार्टी के भीतर सियासी हलचलें तेज हो गई हैं। ध्यान देने योग्य है कि आप की इस पहली सूची में अमृतसर नॉर्थ सीट पर उम्मीदवार की घोषणा को रोक कर रखा गया था। लगातार हो रहे इन इस्तीफों ने पंजाब के राजनीतिक समीकरणों को गरमा दिया है और विपक्षी दलों को सत्तारूढ़ पार्टी पर हमलावर होने का मौका दे दिया है।

