पटना, बिहार की राजधानी पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर में रविवार से 52वीं जूनियर राष्ट्रीय बालक कबड्डी चैंपियनशिप 2026 का शानदार आगाज हो गया है। एक से चार नवंबर तक चलने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और वर्ष 2036 के ओलंपिक लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार खेल के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि जिस प्रकार आज खेल जगत में हरियाणा का डंका बजता है, आने वाले समय में बिहार के युवा खिलाड़ी भी अपनी प्रतिभा के दम पर देश के लिए मेडल जीतेंगे और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर राज्य का नाम रोशन करेंगे।
देशभर से पहुंची 29 टीमों के खिलाड़ियों को बताया बिहार का ब्रांड एंबेसडर, नालंदा विश्वविद्यालय और बापू टावर के भ्रमण के दिए निर्देश
इस राष्ट्रीय चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए देश के अलग-अलग राज्यों से 29 टीमें पटना पहुंची हैं। मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों को बिहार का ‘ब्रांड एंबेसडर’ बताते हुए खेल विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आगंतुक खिलाड़ियों को बिहार की गौरवशाली संस्कृति, इतिहास और विरासत से परिचित कराएं। इसके तहत खिलाड़ियों को प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय, एशिया के बेहतरीन संग्रहालयों में शुमार बिहार म्यूजियम और बापू टावर का भ्रमण कराया जाएगा। खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने भी इस दौरान संबोधित करते हुए कहा कि आज बिहार में खेल का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है और राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण व सुविधाएं मुहैया कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
द्रोणाचार्य अवॉर्डी बलवान सिंह और स्टार खिलाड़ी अर्जुन देशवाल हुए सम्मानित, प्रो कबड्डी लीग के स्काउट्स भी रख रहे हैं पैनी नजर
उद्घाटन समारोह के दौरान कबड्डी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित मुख्य कोच बलवान सिंह और एशियन गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ी अर्जुन देशवाल को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्रन शंकरण ने बताया कि इस प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले युवा खिलाड़ियों को भविष्य की जूनियर भारतीय टीम में चयन का सुनहरा अवसर मिलेगा। इसके साथ ही, प्रो कबड्डी लीग की विभिन्न फ्रेंचाइजी के स्काउट्स और तकनीकी विशेषज्ञ भी मुकाबलों पर बारीक नजर बनाए हुए हैं, जिससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए आगे के रास्ते और अधिक प्रशस्त होंगे।

