सतना: जिले में आगामी त्योहारों के मद्देनजर मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने नागौद और सतना शहर में सघन जांच अभियान चलाया. इस दौरान नागौद में बिना वैध लाइसेंस के संचालित हो रहे विकास स्वीट्स के निर्माण परिसर में भारी गंदगी मिलने पर उसे आगामी आदेश तक सील कर दिया गया.विभागीय टीम ने नागौद और सतना के विभिन्न प्रतिष्ठानों से मिठाइयों के कुल सात नमूने जांच के लिए एकत्र किए हैं.
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के औचक निरीक्षण के दौरान विकास स्वीट्स के निर्माण स्थल पर स्वच्छता मानकों की जमकर धज्जियां उड़ती मिलीं.परिसर में जगह-जगह जलभराव, टूटा फर्श, गंदगी और दीवारों पर मकड़ी के जाले फैले हुए थे.इसके अलावा मावा और तैयार मिठाइयां खुले में रखी पाई गईं, जबकि छत और दीवारें भी खाद्य निर्माण के तय मापदंडों के विपरीत थीं.मौके पर संचालक खाद्य कारोबार से संबंधित कोई भी वैध लाइसेंस या पंजीकरण प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके चलते टीम ने तत्काल प्रभाव से परिसर को सील कर दिया।
जांच अभियान के दौरान नागौद स्थित बंटी स्वीट्स से मिल्क केक व बर्फी तथा बीकानेर स्वीट्स से कलाकंद व मिल्क केक के नमूने लिए गए. वहीं सतना शहर के मुख्तयारगंज स्थित अशोक मिश्रा के प्रतिष्ठान से बूंदी और कृष्णनगर स्थित गोल्डी बलेजा के प्रतिष्ठान से डिलीशियस स्वीट का नमूना लिया गया. कार्रवाई में फूड सेफ्टी ऑफिसर अभिषेक बिहारी गौर और देवेंद्र दुबे शामिल रहे.अधिकारियों ने बताया कि जब्त सभी नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है.जहां से रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत आगे की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
