सीहोर। शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं की जिम्मेदारी संभालने वाली नगरपालिका इन दिनों खुद आर्थिक संकट से जूझ रही है. इसकी बड़ी वजह कई सालों से संपत्तिकर, जलकर और दुकानों के किराये की वसूली नहीं हो पाना है. ऐसे में एक बार फिर नपा ने अपने बकायादार उपभोक्ताओं से वसूली के लिए सख्ती बरतना शुरू कर दिया है. नपा का राजस्व अमला बकायादारों की दुकान व घरों पर जाकर वसूली कर रहे हैं. इसके बाद अगले चरण में नपा इन बकायादारों के घरों के सामने ढोल बजवाएगी और फिर सार्वजनिक स्थानों पर नाम चस्पा करेगी.
शहर के बकायादारों से नगरपालिका को करीब 30 करोड़ 75 लाख रुपये वसूलना है. इसमें संपत्तिकर के 25 करोड़, जलकर के 5 करोड़ 25 लाख और नगरपालिका की दुकानों का करीब 50 लाख रुपये किराया शामिल है. करोड़ों रुपये की यह राशि लंबे समय से अटकी होने के कारण नगरपालिका के राजस्व पर दबाव बढ़ रहा है. इसका असर शहर के विभिन्न विकास कार्यों और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर भी पड़ रहा है.
नगरपालिका की आय का प्रमुख आधार संपत्तिकर, जलकर और दुकानों से मिलने वाला किराया है. इसी राजस्व से शहर में सड़क, नाली, पेयजल, साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं के काम कराए जाते हैं. लेकिन जब बड़ी राशि बकायादारों के पास अटकी हो तो नगरपालिका के लिए नियमित व्यवस्थाओं के साथ नए विकास कार्यों को गति देना भी चुनौती बन जाता है. आर्थिक संसाधनों की कमी के चलते कई जरूरी कामों की प्राथमिकता तय करना पड़ती है. ऐसे में बकाया करों की वसूली नगरपालिका के लिए जरूरी हो गई है. हालांकि इसके पूर्व भी नपा द्वारा वसूली के लिए बकायादारों की दुकानों व घरों पर ढोल बजवाए जा चुके हैं तो तालाबंदी भी की गई है. अब देखना है कि अपना बकाया कर वसूलने के लिए नपा किस हद तक सख्ती पर उतरेगी.
बड़े बकायादारों तक पहुंच रहा राजस्व अमला
राजस्व निरीक्षक संजय शुक्ला के अनुसार नगरपालिका को संपत्तिकर के रूप में करीब 25 करोड़ रुपये की वसूली करना है. वहीं जलकर के लगभग 5 करोड़ 25 लाख रुपये और नगरपालिका की दुकानों का करीब 50 लाख रुपये किराया बकाया है. बकाया राशि जमा कराने के लिए नगरपालिका ने अब सख्त रुख अपनाया है. राजस्व अमला बड़े बकायादारों के घर और प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर उन्हें बकाया कर जमा करने के लिए कह रहा है. अधिकारियों का प्रयास है कि बकायादारों को व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर राशि जमा कराने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि नगरपालिका के राजस्व में बढ़ोतरी हो सके.
एक बार फिर ढोल बजाकर नपा करेगी वसूली
नगरपालिका ने वसूली अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए अगले चरण की कार्रवाई भी तय की है. इसके तहत बकाया राशि जमा नहीं करने वाले लोगों के घर और प्रतिष्ठानों पर एक बार फिर ढोल बजाकर मुनादी की जाएगी. इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर बड़े बकायादारों के नाम चस्पा किए जाएंगे. इस कार्रवाई का उद्देश्य बकायादारों पर सामाजिक और सार्वजनिक दबाव बनाकर उनसे बकाया राशि जमा कराना है. नगरपालिका सीएमओ सुधीर कुमार का मानना है कि सख्ती के बिना इतनी बड़ी राशि की वसूली आसान नहीं होगी.
बकाया कर वसूली के लिए नपा सख्त
नपा द्वारा पूर्व में कई बार बकायादार उपभोक्ताओं को नोटिस दिए जा चुके हैं. कुछ हद तक वसूली हो भी रही है, लेकिन इसके बाद भी बड़ी राशि बकायादारों से लेना है. ऐसे में अब अमला बकायादारों के यहां जाकर वसूली करने में लगा है. अगले चरण में पूर्व की तरह बकायादारों के यहां जाकर ढोल बजाए जाएंगे.
संजय शुक्ला,
राजस्व निरीक्षक, नपा
