मुंबई, 30 अक्टूबर (वार्ता) वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सितंबर तिमाही में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है। कंपनी के शुक्रवार को जारी तिमाही परिणामों के रिलायंस का एकीकृत शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 33.8 फीसदी बढ़कर 29,550 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो अब तक का सबसे अधिक तिमाही मुनाफा है।
कंपनी का सकल राजस्व भी 27.8 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 3,62,268 करोड़ रुपये हो गया। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में रिलायंस का कुल शुद्ध मुनाफा पहली बार 50 हजार करोड़ रुपये के पार पहुंचा है। कंपनी की एक विज्ञप्ति के अनुसार जियो प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती कमाई और ऑयल-केमिकल कारोबार के रिकॉर्ड प्रदर्शन ने कंपनी के नतीजों को मजबूती दी। रिलायंस के ऑयल-केमिकल (ओ2सी) कारोबार का एबिडटा (प्रावधानों से पूर्व लाभ) पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 67.9 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 25,203 करोड़ रुपये पहुंच गया। ओ2सी कारोबार से आय भी 44.2 फीसदी बढ़कर 2,31,601 करोड़ रुपये हो गयी।
कंपनी ने कहा है कि परिवहन ईंधन के रिफाइनिंग मार्जिन में तेज बढ़ोतरी और पॉलिएस्टर कारोबार के मार्जिन का तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचना इस प्रदर्शन की प्रमुख वजहों में रहा। इस दौरान रिलायंस ने कच्चे तेल की आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों का भी सामना किया। पश्चिम एशिया में रणनीति रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जल डमरू मध्य समुद्रीय मार्ग में व्यवधान के बावजूद कंपनी ने लैटिन अमेरिका, उत्तरी अमेरिका और भूमध्यसागरीय क्षेत्र सहित विभिन्न इलाकों से कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की और रिकॉर्ड मात्रा में कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया। इससे घरेलू ईंधन की मांग पूरी करने में मदद मिली।
रिलायंस के अन्य कारोबारों ने भी कंपनी के प्रदर्शन में योगदान दिया। जियो प्लेटफॉर्म्स के रेवेन्यू और मुनाफे में बढ़ोतरी हुई, जबकि रिलायंस रिटेल ने तिमाही के दौरान 303 नए स्टोर खोले और डिजिटल कॉमर्स को आगे बढ़ाया। जियोस्टार के रेवेन्यू में भी वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, ऑयल एंड गैस कारोबार का रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा, हालांकि कोयल खानों के अंदर से मीथेन (कोल बेड मीथे) उत्पादन बढ़ा। इन सबके बीच रिलायंस का एकीकृत एबिडटा 23.9 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 62,409 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी ने कहा है कि ऊर्जा के नवीन एवं नवीकरणीय स्रोतों वाली परियोजनाओं में भी उसका निवेश जारी है।
