
भोपाल। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में फर्जी विवाह दिखाकर सरकारी राशि के गबन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सिरोंज जनपद पंचायत के पूर्व सीईओ शोभित त्रिपाठी और उनके सहयोगी हेमंत साहू की 5.37 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच की हैं. त्रिपाठी पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव के साढ़ू हैं. उन पर 5,923 संदिग्ध विवाह सहायता प्रकरणों में 30.18 करोड़ रुपए स्वीकृत कर वितरित करने का आरोप है. ईडी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत की है. ईडी की जांच के अनुसार, सिरोंज जनपद पंचायत में वर्ष 2019 से नवंबर 2021 तक सीईओ रहे शोभित त्रिपाठी ने अन्य लोगों के साथ मिलकर योजना में गड़बड़ी की. गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए मिलने वाली 51 हजार रुपए की सहायता राशि अपात्र लोगों के नाम पर स्वीकृत कराई गई.
फर्जी दस्तावेजों से खोले गए बैंक खाते
जांच में सामने आया कि अपात्र हितग्राहियों के नाम पर फर्जी आवेदन और दस्तावेज तैयार किए गए. उनकी पहचान संबंधी जानकारी का इस्तेमाल कर बैंक खाते खोले गए. इन खातों में योजना की राशि जमा होने के बाद अलग-अलग किस्तों में नकद निकाल ली जाती थी. ईडी के मुताबिक, कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान भी ऐसे संदिग्ध विवाह प्रकरणों को मंजूरी दी गई, जबकि सार्वजनिक विवाह आयोजनों पर प्रतिबंध था.
दो सितंबर को हुई थी गिरफ्तारी
ईडी ने भोपाल ईओडब्ल्यू में दर्ज एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी. एफआईआर में त्रिपाठी और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक न्यासभंग और साजिश के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज है. ईडी ने 2 सितंबर 2026 को त्रिपाठी को गिरफ्तार किया था. वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं.
