
सौसर, आस्था, श्रद्धा और सनातन संस्कृति के प्रमुख केंद्र चमत्कारिक श्री हनुमान मंदिर संस्थान (हनुमान लोक), जामसांवली धाम में देश के सुप्रसिद्ध संतों, कीर्तनकारों एवं भजन साधकों का आगमन हुआ। संतों की पावन उपस्थिति से संपूर्ण परिसर भक्ति रस में सराबोर हो गया। सभी अतिथियों ने श्री हनुमान जी महाराज के दर्शन-पूजन कर लोककल्याण और विश्व शांति की कामना की।
वारकरी संप्रदाय के ख्यातिप्राप्त कीर्तनकार ह.भ.प. समाधान महाराज भोजेकर जलगांव एवं ह.भ.प. बाळकृष्ण दादा वसंतगड़कर महाराज मुंबई ने दर्शनोपरांत सनातन परंपरा के संवर्धन पर विचार रखे। वहीं, सुप्रसिद्ध भजन गायिका शहनाज अख्तर ने अपने संकल्प के अनुसार मंदिर परिसर में अखंड 51 हनुमान चालीसा का पाठ कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
*आचरण और संस्कारों से ही संभव है धर्म का संवर्धन: संत वृंद*
संतों ने अपने उद्बोधन में कहा कि जामसांवली धाम केवल दर्शन का केंद्र नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना जागृत करने वाला पावन तीर्थ है। सनातन धर्म की रक्षा केवल उपदेशों से नहीं, बल्कि व्यक्तिगत आचरण, सेवा, सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों के निर्वहन से होती है। उन्होंने नई पीढ़ी को रामायण, भगवद्गीता और संतों के विचारों से जोड़ने का आह्वान किया। साथ ही, संस्थान द्वारा संचालित धार्मिक गतिविधियों व ‘प्रसादम’ निःशुल्क भोजन सेवा की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
*ट्रस्ट पदाधिकारियों ने किया संतों का सम्मान*
मंदिर संस्थान की ओर से संतों व अतिथियों का आत्मीय स्वागत कर उन्हें श्री हनुमान जी की प्रतिकृति भेंट की गई। इस अवसर पर संस्थान अध्यक्ष गोपाल शर्मा, उपाध्यक्ष संतोष डवरे, सचिव टीकाराम कारोकार, ट्रस्टी व भाजपा जिलाध्यक्ष संदीप मोहोड, प्रदेश प्रवक्ता व ट्रस्टी अजय धवले, सीईओ वीरेंद्र भट्ट, मनोहर शेल्की, संजय डवरे, भीमराव वाकोडे, भास्कर गुढ़दे, निलेश जूननकर एवं भगवंता कारोकार सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि सभी संत समीपस्थ ग्राम बेरड़ी में आयोजित अखंड हरिनाम सप्ताह एवं श्रीमद्भागवत कथा में सहभागिता हेतु पधारे थे।
