हिंदी सिनेमा के मशहूर अभिनेता विनोद मेहरा की 30 अक्टूबर को डेथ एनिवर्सरी है। उन्होंने अपने छोटे से फिल्मी करियर में 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और अपनी शानदार अदाकारी से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। ‘नागिन’, ‘जानी दुश्मन’, ‘घर’, ‘स्वर्ग नरक’ और ‘खुद्दार’ जैसी फिल्मों में नजर आए विनोद मेहरा ने बतौर बाल कलाकार अपने करियर की शुरुआत की थी। हालांकि, महज 45 साल की उम्र में हार्ट अटैक के कारण उनका निधन हो गया। उनके जाने के बाद भी उनकी फिल्में और जिंदगी से जुड़े किस्से आज तक चर्चा में रहते हैं।
विनोद मेहरा ने साल 1958 में आई फिल्म ‘रागिनी’ में बाल कलाकार के तौर पर काम किया था। इसके बाद उन्होंने फिल्मों में अपनी पहचान बनाने के लिए लगातार मेहनत की। साल 1971 में आई फिल्म ‘एक थी रीटा’ से उन्होंने बतौर हीरो अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद विनोद मेहरा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और कई यादगार फिल्मों में काम किया। उनके अभिनय और शानदार स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेताओं में शामिल कर दिया।
इन फिल्मों में दिखा विनोद मेहरा का दमदार अभिनय
विनोद मेहरा ने अपने करियर में कई तरह के किरदार निभाए। वह नागिन, जानी दुश्मन, घर, स्वर्ग नरक, कर्तव्य, साजन बिना सुहागन, जुर्माना, एक ही रास्ता और खुद्दार जैसी फिल्मों में नजर आए। उन्होंने रोमांटिक भूमिकाओं से लेकर गंभीर किरदारों तक, अपनी अदाकारी का हुनर दिखाया। उनका फिल्मी सफर भले ही ज्यादा लंबा नहीं रहा, लेकिन उन्होंने अपने काम से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।
रेखा से जुड़ा नाम, तीन शादियों की चर्चा
विनोद मेहरा की निजी जिंदगी भी हमेशा सुर्खियों में रही। उनका नाम अभिनेत्री रेखा के साथ जोड़ा गया और दोनों की गुपचुप शादी की चर्चाएं भी सामने आईं। हालांकि, इस शादी की सार्वजनिक पुष्टि नहीं हुई थी। विनोद मेहरा की पहली शादी मीना ब्रोका से हुई थी, जो बाद में टूट गई। इसके बाद उनका नाम अभिनेत्री बिंदिया गोस्वामी से जुड़ा और दोनों की शादी भी लंबे समय तक नहीं चली। साल 1988 में उन्होंने किरण से शादी की और उनके परिवार में बेटी सोनिया और बेटे रोहन का जन्म हुआ।
45 साल की उम्र में हुआ निधन
30 अक्टूबर 1990 को विनोद मेहरा का हार्ट अटैक से निधन हो गया। उस समय वह महज 45 साल के थे। उनके निधन के करीब सात महीने बाद बेटे रोहन मेहरा का जन्म हुआ। उनकी बेटी सोनिया और बेटे रोहन ने भी फिल्मों में अपनी किस्मत आजमाई। विनोद मेहरा अपने पीछे कई अधूरी फिल्में और यादगार किरदार छोड़ गए। उनकी डेथ एनिवर्सरी पर उन्हें हिंदी सिनेमा में उनके योगदान और शानदार अभिनय के लिए याद किया जाता है।
