
पुणे में जन्मे विक्रम गोखले का परिवार अभिनय की समृद्ध परंपरा से जुड़ा था। उनकी परदादी दुर्गाबाई कामत भारतीय सिनेमा की पहली महिला अभिनेत्री मानी जाती हैं, जबकि उनकी दादी कमलाबाई गोखले ने भी भारतीय रंगमंच और सिनेमा में अहम योगदान दिया।(सौ. सोशल मीडिया)

विक्रम गोखले ने मराठी रंगमंच पर अपने अभिनय को निखारा। बॅरिस्टर और ‘स्वामी’ जैसे नाटकों में उनके प्रभावशाली अभिनय ने उन्हें थिएटर की दुनिया में सम्मानित पहचान दिलाई। मंच पर हासिल अनुभव उनके आगे के फिल्मी करियर की मजबूत नींव बना।(सौ. सोशल मीडिया)

विक्रम गोखले ने 1971 में आई फिल्म परवाना से हिंदी सिनेमा में कदम रखा। अमिताभ बच्चन अभिनीत इस फिल्म से शुरू हुआ उनका फिल्मी सफर आगे बढ़ता गया। बाद में उन्होंने ‘अग्निपथ’ और ‘खुदा गवाह’ जैसी फिल्मों में भी काम किया।(सौ. सोशल मीडिया)

संजय लीला भंसाली की फिल्म हम दिल दे चुके सनम में विक्रम गोखले ने ऐश्वर्या राय बच्चन के पिता और संगीत गुरु पंडित दरबार की भूमिका निभाई। उनके गंभीर व्यक्तित्व, दमदार आवाज और प्रभावशाली अभिनय ने इस किरदार को दर्शकों के बीच खास पहचान दिलाई।(सौ. सोशल मीडिया)

विक्रम गोखले ने हिंदी फिल्मों के साथ मराठी सिनेमा में भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। मराठी फिल्म अनुमति में उनके अभिनय के लिए उन्हें 2013 में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। यह सम्मान उनके शानदार अभिनय करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है। (सौ. सोशल मीडिया)
