
पेटलावद। सुहागन महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी उम्र के लिए रखे जाने वाले पावन पर्व करवा चौथ पर इस बार पेटलावद क्षेत्र में बाजारों की चमक फीकी नजर आई। बाजार सज-धजकर तैयार तो थे, लेकिन दुकानों पर खरीदारों की भारी कमी देखने को मिली। महिलाएं सिर्फ जरूरत भर की पूजन सामग्री ही खरीदती नजर आईं।
स्थानीय व्यवसायियों के अनुसार, मंदी के इस माहौल के पीछे मुख्य कारण क्षेत्र में कृषि और आजीविका की कमजोर स्थिति है। क्षेत्र के नवरत्न वस्त्रालय के संचालक सुनील मालवी ने बताया कि पिछले साल करवा चौथ पर जहां अच्छी ग्राहकी थी, वहीं इस बार हालात इसके विपरीत हैं और कल बड़ी मुश्किल से 10 से 15 साड़ियां ही बिक पाईं।
इस बार कम बारिश होने के कारण फसलों का उत्पादन घटा है। सोयाबीन और मक्का की फसल बाजार में आने के बाद भी किसानों को अपनी पुरानी देनदारियां चुकानी पड़ रही हैं, जबकि कपास की फसल अभी बाजार में नहीं आई है। अंचल में बड़े पैमाने पर टमाटर और मिर्च जैसी सब्जियों की खेती की जाती है, लेकिन मंडी में टमाटर 100 से 120 रुपये प्रति कैरेट बिकने के कारण किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही है। मुनाफा तो दूर की बात है, इस स्थिति ने किसानों को आर्थिक रूप से कमजोर कर दिया है।
इसके अलावा, कम बारिश के चलते अभी से कुएं, बावड़ियों और बोरिंग का जलस्तर कम हो गया है, जिससे आगामी गेहूं की फसल की सिंचाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। साथ ही, अंचल के कई मजदूर काम के सिलसिले में बाहर गए हैं और अभी तक वापस नहीं लौटे हैं, जिसके कारण भी स्थानीय बाजारों में ग्राहकी नदारद है और त्योहार का उत्साह फीका पड़ गया है।
