जगदलपुर, 28 अक्टूबर (वार्ता) छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में चक्रवात के प्रभाव से तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। संभावित आपदा से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं संवेदनशील क्षेत्रों के नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आपातकालीन सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है।
मौसम विभाग ने जिले में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने, मूसलाधार बारिश और जलभराव की चेतावनी जारी की है। इसके मद्देनजर कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देश पर बुधवार को कलेक्टोरेट के प्रेरणा कक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय खन्ना ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों और विकास कार्यों की समीक्षा की।
श्री खन्ना ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित आपदा से निपटने की तैयारियां हर स्तर पर मजबूत रखी जाएं, ताकि जनहानि को रोका जा सके। उन्होंने अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर जरूरत पड़ने पर वहां के नागरिकों को समय रहते राहत शिविरों में स्थानांतरित करने को कहा।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट पर रहने और अस्पतालों में आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से प्रसव की संभावित तारीख नजदीक होने वाली गर्भवती महिलाओं तथा गंभीर मरीजों को एहतियातन नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरित करने की व्यवस्था की जा रही है।
बिजली और दूरसंचार विभागों को भी आपात परिस्थितियों में सेवाओं की तत्काल बहाली के लिए तैयार रहने को कहा गया है। तेज हवाओं से पेड़ अथवा बिजली के खंभे गिरने की स्थिति में यातायात और विद्युत आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए तकनीकी दल तैनात किए जाएंगे। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के अतिरिक्त राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की अतिरिक्त टीमों को भी बुलाया गया है।
प्रशासन ने आपदा की आशंका को देखते हुए मैदानी कर्मचारियों के सामान्य अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं। सभी संबंधित कर्मचारियों को मुख्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को कटी हुई फसल सुरक्षित रखने, बागवानी फसलों की बुवाई के समय में आवश्यक बदलाव करने और पशुधन की सुरक्षा के लिए जारी परामर्श का पालन करने को कहा गया है।
इस दौरान जिला पंचायत सीईओ ने विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत लगभग नौ हजार आवासों के हितग्राहियों के जॉब कार्ड सत्यापन का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र हितग्राहियों के आवास निर्माण में अनावश्यक विलंब न हो।
उन्होंने आधार और आयुष्मान कार्ड पंजीयन की गति बढ़ाने, विशेषकर तोकापाल और बस्तानार विकासखंडों में अभियान चलाकर लंबित कार्यों को पूरा करने पर जोर दिया। स्वास्थ्य विभाग और राजस्व अधिकारियों को आपसी समन्वय से शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र संबंधी कार्य 15 नवंबर तक प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।
श्री खन्ना ने सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निराकरण में गुणवत्ता और शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निपटारा केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसके अलावा मनरेगा के स्वीकृत निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने और मैदानी कर्मचारियों की कार्यप्रगति की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में आगामी बस्तर ओलंपिक के लिए युवाओं और विद्यार्थियों का पंजीयन बढ़ाने तथा राज्योत्सव के दौरान विभिन्न विभागों की योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए स्टॉल लगाने की तैयारियों पर भी चर्चा हुई।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर सीपी बघेल, डीआर डाहिरे, नगर निगम आयुक्त प्रवीण वर्मा सहित सभी अनुविभागीय अधिकारी और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। विकासखंड स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
