जबलपुर: रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में बैकलॉग शिक्षक भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। विगत वर्ष भर्ती प्रक्रिया को लेकर कई तरह की शिकायतें विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंची थीं। जिसमें कुछ अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए एमपी हाईकोर्ट पहुंचे थे। हालांकि एमपी हाईकोर्ट ने लिफाफा लौटाते हुए उसे खोलने से इनकार कर दिया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब इस सीलबंद लिफाफे को रादुविवि की होने वाली कार्यपरिषद बैठक में प्रस्तुत किया गया है, संभावना है कि आज बैठक में सीलबंद लिफाफा खोला जाएगा। जिसको लेकर शिक्षकों, अभ्यर्थियों और विश्वविद्यालय समुदाय की निगाहें टिकी हुई हैं।
विवि ने की थी जांच समिति गठित
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय ने शिकायतों की जांच के लिए 28 नवंबर 2024 को चार सदस्यीय तथ्यात्मक अन्वेषण समिति गठित की। समिति ने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट में प्रस्तुत की थी। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि चूंकि समिति का गठन विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा किया गया है, इसलिए उसकी अनुशंसाओं पर अंतिम निर्णय भी विश्वविद्यालय प्रशासन ही लेगा।
भर्ती प्रक्रिया को लेकर आई थी शिकायतें
उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय द्वारा 19 अगस्त 2021 के मूल विज्ञापन और 18 अप्रैल 2023 के संशोधित विज्ञापन के आधार पर आरक्षित वर्ग के शिक्षकों के रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया आयोजित की गई थी। इंटरव्यू संपन्न होने के बावजूद चयनित उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की गई, क्योंकि भर्ती प्रक्रिया को लेकर कई तरह की शिकायतें विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंची थी। इसी दौरान कुछ अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए एमपी हाईकोर्ट पहुंचे थे।
