सख्ती के बावजूद चाक-चौबंद इंतजाम में जुटी कांग्रेस 

नई दिल्ली, 1 अक्टूबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने जा रही कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की वोट बचाओ,देश बचाओ महारैली में देश भर से आने वाले लोगों को खाना खिलाने, ठहरने और सभा स्थल तक पंहुचाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने बहुस्तरीय तैयारी की है.

इस रैली में देश भर से लगभग 10 लाख लोगों के जुटने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि इसी दिन यानी 1 नवंबर से दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान के तहत बेहद कड़े नियम और वाहन प्रतिबंध लागू हो रहे हैं. इन प्रशासनिक, पर्यावरणीय और अब रेलवे द्वारा किए गए बदलावों के बीच कांग्रेस पार्टी ने लाखों कार्यकर्ताओं को दिल्ली लाने, उनके ठहरने, खाने और परिवहन के लिए एक व्यापक माइक्रो-प्लान तैयार किया है. प्रदूषण के सख्त नियमों के कारण 1 नवंबर से दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-बीएस छह डीजल और पेट्रोल वाहनों, व्यावसायिक बसों और ट्रकों के दिल्ली प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. इस बड़ी अड़चन को दूर करने के लिए कांग्रेस ने परिवहन की रणनीति बदली है. पार्टी अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को लाने के लिए केवल बीएस-6 मानक वाली डीजल गाड़ियों, सीएनजी बसों और इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करने की तैयारी में है. इसके अलावा जो बसें या निजी गाड़ियां इन मानकों को पूरा नहीं करतीं, उन्हें दिल्ली के विभिन्न बॉर्डरों जैसे गुरूग्राम, बदरपुर, सिंघु, गाजीपुर, और टीकरी बॉर्डर पर ही रोकने और वहीं बड़े पार्किंग स्थल बनाने की व्यवस्था की जा रही है. कार्यकर्ताओं को इन बॉर्डरों से बसों व मेट्रो नेटवर्क के जरिए रामलीला मैदान तक पहुंचाया जाएगा. इतना ही नहीं रेलवे ने सुरक्षा व्यवस्था और स्टेशनों पर अत्यधिक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 1 नवंबर को दिल्ली आने-जाने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के रूट में बदलाव कर दिया है. उत्तर प्रदेश और बिहार से दिल्ली आने वाली लगभग 25 प्रमुख ट्रेनों के रूट और टर्मिनेशन स्टेशनों में फेरबदल किया गया है.

दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रैली करने का अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया है, लेकिन शर्त रखी है कि रामलीला मैदान में किसी को भी रात में ठहरने की अनुमति नहीं होगी. ऐसे में संभावित 10 लाख लोगों के ठहरने के लिए दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों और बॉर्डरों के पास बड़े अस्थायी टेंट और आश्रय स्थल बनाए जा रहे हैं. इतनी बड़ी संख्या में आ रहे लोगों के भोजन और पानी के लिए पार्टी ने राज्यवार कमेटियां गठित की है. दिल्ली के स्थानीय कांग्रेस नेताओं, गुरुद्वारों और नागरिक समाज संगठनों के सहयोग से बॉर्डरों, मेट्रो स्टेशनों के बाहर और रामलीला मैदान के आसपास बड़े स्तर पर लंगर और फूड पैकेट्स की व्यवस्था की जा रही है. पुलिस के सख्त रूख, डाइवर्जन और विशेष ट्रेनों को रद्द करने को लेकर कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार उनके कार्यकर्ताओं को दिल्ली आने से रोकने के लिए जानबूझकर अड़चनें पैदा कर रही है.

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