सीधी : जिला चिकित्सालय सीधी एक बार फिर विवादों के घेरे में है। अस्पताल के डॉक्टर कॉलोनी परिसर में पदस्थ एक महिला चिकित्सक द्वारा टीन शेड गैराज बनाने के नाम पर किए गए अवैध अतिक्रमण का मामला सामने आया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस सरकारी परिसर में गैराज की आड़ में अब बकायदा एक निजी क्लीनिक संचालित की जा रही है जिसे हटा पाना अस्पताल प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।
यहां बताते चलें कि जिला अस्पताल सीधी की महिला डॉक्टर अंकिता अवधिया ने डॉक्टर कॉलोनी परिसर में अपनी गाड़ी खड़ी करने के लिए टीन शेड का गैराज बनाने की अनुमति या बात कही थी। लेकिन धीरे-धीरे उस जगह को पूरी तरह घेर लिया गया और वहां पक्का व अस्थाई ढांचा तैयार कर निजी क्लीनिक की शुरुआत कर दी गई। अस्पताल परिसर के भीतर ही इस तरह खुलेआम निजी प्रैक्टिस किए जाने से अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना है कि सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक सीधी डॉ.दीपारानी इसरानी या जिला प्रशासन क्या कार्यवाही करता है।
कार्रवाई करने में हिचक रहा प्रशासन!
सरकारी जमीन और वह भी संवेदनशील अस्पताल परिसर में हुए इस अतिक्रमण को लेकर स्थानीय स्तर पर आक्रोश है। हालांकि अस्पताल प्रशासन इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई करने में नाकाम रहा है। बताया जा रहा है कि महिला चिकित्सक के रसूख और प्रशासनिक अड़चनों के कारण प्रबंधन बैकफुट पर है।
इनका कहना है
मामला हमारे संज्ञान में आया है। डॉक्टर कॉलोनी परिसर शासकीय संपत्ति है और वहां किसी भी प्रकार का अनधिकृत निर्माण या निजी व्यावसायिक गतिविधि (क्लीनिक) संचालित करना नियमों के विरुद्ध है। संबंधित चिकित्सक को इस संबंध में नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जा रहा है। जांच उपरांत यदि नियमों का उल्लंघन और अवैध अतिक्रमण पाया जाता है तो अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ नियमानुसार सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
डॉ.दीपारानी इसरानी
सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक जिला चिकित्सालय सीधी
