नयी दिल्ली, 27 अक्टूबर (वार्ता) केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने मंगलवार को कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को अवधारणाओं को समझने, ज्ञान का व्यावहारिक इस्तेमाल करने और वास्तविक अनुभवों के माध्यम से आत्मविश्वास विकसित करने का अवसर मिलना चाहिए।
श्री जोशी ने आज द्वारका स्थित सीबीएसई के एकीकृत परिसर में सीबीएसई एक्सपीरियंस सेंटर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को रटने और परीक्षा में अंक हासिल करने तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों की व्यक्तिगत रुचियों, क्षमताओं और सीखने की जरूरतों पर ध्यान देना चाहिए। सीबीएसई एक्सपीरियंस सेंटर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुभव आधारित और समग्र शिक्षा के उद्देश्यों के अनुरूप है। इस तरह की पहल विद्यार्थियों में जिज्ञासा बढ़ाने, स्वतंत्र चिंतन को प्रोत्साहित करने और रचनात्मकता विकसित करने में मदद करेगी।विद्यार्थियों को विज्ञान के सिद्धांतों को केवल पढ़ना ही नहीं चाहिए, बल्कि प्रयोगों और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से उन्हें समझना भी चाहिए।
नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने में अटल टिंकरिंग लैब की भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देशभर में 10,000 अटल टिंकरिंग लैब पहले से संचालित हैं। सरकार ने 50,000 अतिरिक्त लैब स्थापित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि व्यावहारिक प्रयोग और समस्या समाधान के अवसर विद्यार्थियों को भविष्य के नवाचारकर्ताओं के रूप में तैयार करने में अहम भूमिका निभायेंगे।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य युवाओं को ऐसा ज्ञान, कौशल और मूल्य प्रदान करना है, जिससे वे समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान दे सकें। प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और नवाचार के क्षेत्र में भारत की बढ़ती संभावनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को वैश्विक कार्यक्षेत्र की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने हाल में शुरू की गयी ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रयोग और समस्या समाधान पर आधारित अवसर नई पीढ़ी के नवाचारकर्ताओं को प्रोत्साहित कर सकते हैं।
शिक्षा मंत्री ने विश्वास जताया कि यह केंद्र स्कूली शिक्षा को अधिक रोचक, व्यावहारिक और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने में योगदान देगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए विद्यार्थियों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास विकसित करना बेहद जरूरी है।
सीबीएसई मुख्यालय में स्थापित यह केंद्र विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर व्यावहारिक और अनुभव आधारित शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यहां विद्यार्थी शिक्षा के विकास, उभरती प्रौद्योगिकियों और भविष्य में करियर की संभावनाओं को समझ सकेंगे।
