15 माह से नही हुई खनिज न्यास मंडल की बैठक

सिंगरौली :जिले में पिछले करीब 15 महीनों के अधिक समय से जिला खनिज न्यास मंडल की बैठक आयोजित नही की गई, जिसमें प्रस्तावित सैकड़ो कार्य हरी झंडी का इंतजार कर रहे हैं। वहीं खनिज न्यास मंडल की बैठक न होने से सांसद-विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि जिला प्रशासन से नाराज चल रहे हैं।दरअसल जिले में नियमानुसार तीन से छ: महीने के अंदर एक बार जिला खनिज प्रतिष्ठान की बैठक आयोजित करना आवश्यक है, परंतु जिले में पिछले करीब 15 महीने से जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास मंडल की बैठक आयोजित नही की गई है।

जानकारी में बताया जा रहा है कि 25 जून 2025 को तत्कालीन कलेक्टर चन्द्रशेखर शुक्ला के कार्यकाल में खनिज प्रतिष्ठान न्यास मंडल की बैठक आयोजित की गई थी,उस दौरान जिले के विकास संंबंधी सांसद, विधायक, महापौर, ननि अध्यक्ष एवं जिला पंचायत अध्यक्ष के द्वारा दिये गये प्रस्तावित कार्यो को भोपाल मंजूरी के लिए भेजा गया था, परंतु कुछ तकनीकि कार्यो के चलते उक्त प्रस्तावो को वापस कर दिया गया था और नये तरीके से विकास संबंधी प्रस्ताव मंगाए गये। यह सब कुछ पत्राचार चलता रहा। इसी दौरान कलेक्टर चन्द्रशेखर शुक्ला का तबादला हो गया और नये कलेक्टर गौरव बैनल आये, जहां उनके कार्यकाल में खनिज प्रतिष्ठान न्यास मंडल की बैठक एक बार भी नही बुलाई गई और इसी बीच मई महीने में डीएमएफ फंड को लेकर भारत सरकार से नये नियम आ गये।

यहां बताते चले कि पहले मात्र 900 करोड़ रूपये में से सिंगरौली को केवल 50-60 करोड़ रूपये उपलब्ध कराया जाता था और नये नियम के तहत शत-प्रतिशत करीब 900 करोड़ रूपये सिंगरौली में ही खर्च होगा। दो साल का बजट करीब 1600 करोड़ रूपये सिंगरौली के पास है। बैठक न होने से विकास कार्य लटके रहे, इसी के चलते सांसद, विधायक, तत्कालीन कलेक्टर गौरव बैनल से नाराज भी चल रहे थे। खनिज न्यास मंडल की बैठक क्यों नही बुलाई जा रही थी, उसमें यही बताया जा रहा है कि प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री ने खनिज न्यास मंडल की बैठक लिये थे, इसके बाद कुछ नये दिशा-निर्देश दिये गये और जिला प्रशासन को इसी दिशा-निर्देश का इंतजार था। फिलहाल 15 महीने से खनिज न्यास मंडल की बैठक आयोजित न होने से सैकड़ों की संख्या में क्षेत्र की समस्याएं मुॅह उबाये खड़ी हैं।
कलेक्टर से खपा चल रहे थे मंत्री से लेकर सांसद-विधायक तक
करीब 15 महीने से खनिज न्यास मंडल की बैठक न आयोजित किये जाने से मंत्री से लेकर सांसद-विधायक भी नाराज चल रहे थे। ऐसी जानकारी सूत्रो के हवाले से मिली है। सांसद एवं विधायक की मंशा थी कि नगरीय निकाय एवं त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव कुछ महीने शेष हैं और क्षेत्र में अनेको समस्याएं हैं। मंत्री एवं सांसद-विधायक ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण के लिए आश्वस्त भी करते थे, जनप्रतिनिधियों की यही मंशा रही है कि चुनाव के पहले नये कार्य पूर्ण हो जाए, परंतु तत्कालीन कलेक्टर गौरव बैनल जनप्रतिनिधियों के बातो को नजर अंदाज कर दे रहे थे।
इनका कहना:-
अब नये कलेक्टर आएं हैं, जल्द ही खनिज न्यास मंडल की बैठक होगी, कई महीनो से बैठक न होने से निश्चित रूप से विकास कार्य प्रभावित हुये हैं।
राजेन्द्र मेश्राम
विधायक
विधानसभा क्षेत्र, देवसर
इनका कहना:-
अभी इसी साल मई के महीने में खनिज प्रतिष्ठान मद के नियम में परिवर्तन हुआ है। बेसलाइन सर्वे की कार्रवाई कर ली गई है। शासन के निर्देशों के तहत आगे की कार्रवाई की जावेगी।
आकांक्षा पटेल
प्रभारी अधिकारी एवं उप संचालक खनिज विभाग, सिंगरौली

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