नई दिल्ली, दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आगामी 1 नवंबर को विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और कथित “वोट चोरी” के खिलाफ एक विशाल जनसभा और शक्ति प्रदर्शन करने जा रहा है। मंगलवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने दिल्ली कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ रामलीला मैदान पहुंचकर रैली की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने बताया कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्देशों पर तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं और इस महारैली में देशभर से विपक्षी गठबंधन के करीब 21 प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और लाखों कार्यकर्ता शामिल होंगे।
कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने पुलिस और प्रशासन पर लगाया बाधा डालने का आरोप, बोले- अशोका होटल में अनुमति नहीं मिलने के बाद दूसरे स्थान पर भी रोका गया
तैयारियों का निरीक्षण करने पहुंचे कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर रैली से जुड़े कार्यक्रमों में जानबूझकर अड़चन पैदा करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने सबसे पहले अशोका होटल के लॉन में एक प्रारंभिक बैठक की अनुमति मांगी थी, जिसे निरस्त कर दिया गया। इसके बाद जब कार्यकर्ताओं ने दूसरे निर्धारित स्थल पर बुनियादी ढांचा (टेंट व स्टेज) तैयार करने की कोशिश की, तो पुलिसकर्मियों ने काम रुकवा दिया। वेणुगोपाल के मुताबिक 30 अक्टूबर का यह कार्यक्रम 1 नवंबर की मुख्य रैली और मार्च की रूपरेखा तय करने के लिए एक महत्वपूर्ण पूर्वाभ्यास था।
विपक्ष की आवाज दबाने और चुनावी गड़बड़ियों पर पर्दा डालने का आरोप, कांग्रेस बोली- सरकारी दबाव के आगे झुकेंगे नहीं, जल्द घोषित करेंगे आगे की रणनीति
कांग्रेस नेतृत्व ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर और चुनावी अनियमितताओं पर विपक्ष की चिंताओं को दबाने का प्रयास कर रही है। केसी वेणुगोपाल ने कड़े शब्दों में कहा कि विपक्षी दल किसी भी सरकारी या प्रशासनिक दबाव के आगे नहीं झुकेंगे और रैली को हर हाल में सफल बनाएंगे। उन्होंने दोहराया कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध का अधिकार सर्वोपरि है और कांग्रेस पार्टी बहुत जल्द इस प्रशासनिक तानाशाही के खिलाफ अपनी अगली रणनीतिक कार्रवाई की औपचारिक घोषणा करेगी।

