जबलपुर: रांझी थाना अंतर्गत आजाद नगर गोकलपुर में बीती रात एक धार्मिक भंडारे के कार्यक्रम के दौरान चार दबंगों ने लाठी, डंडों और चाकू से जानलेवा हमला कर 11 लोगों को लहूलुहान कर दिया। विवाद की शुरुआत महज इतनी सी थी कि भंडारे की भीड़ के बीच तेज रफ्तार बुलेट बाइक निकालने से मना किया गया था। इससे नाराज आरोपियों ने न सिर्फ 5,000 का गुंडा टैक्स मांगा, बल्कि विरोध करने पर एक परिवार और पड़ोसियों समेत अन्य पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने बताया कि रवि शंकर गोटिया (44) ने बताया कि रविवार रात करीब 10 बजे दुर्गा मंदिर मरघटाई के पीछे आजाद नगर में भंडारा चल रहा था। वह अपने साथी गंगा ठाकुर और बबलू तिवारी के साथ सड़क पर खड़े थे, तभी समीर वंशकार का बेटा यश अपनी बुलेट गाड़ी से बेहद लापरवाही और तेज रफ्तार में वहां से निकला। चूंकि वहां महिलाएं और बच्चे मौजूद थे, इसलिए रवि शंकर ने उसे गाड़ी धीरे चलाने को कहा। इस पर यश ने तैश में आकर कहा- हमारी मर्जी, गाड़ी चाहे जैसे चलाएं और वहां से बड़बड़ाते हुए चला गया। विवाद यहीं शांत नहीं हुआ। कुछ ही देर बाद यश अपने पिता समीर वंशकार और दो अन्य साथियों रोहित और छोटू के साथ लाठी-डंडे लेकर वापस धमका। आरोपी समीर ने आते ही रवि शंकर से कहा कि अगर मोहल्ले में भंडारा चलाना है, तो टैक्स के 5,000 देने होंगे।
रवि शंकर ने जब पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपियों ने विवाद शुरू कर दिया रवि शंकर ने जब विरोध किया, तो समीर ने डंडे से उनके सिर, हाथ और कमर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर रवि शंकर की पत्नी भारती और उनका बेटा बीच-बचाव करने दौड़े। उन्हें देख मोहल्ले के अन्य लोग पप्पू बर्मन, अनुज कोल, मंजू गोटिया, मानसी गोटिया, नीलेश झारिया, राजेश ठाकुर, पारस यादव और सुमित नाहर भी बीच में आ गए। समीर ने जेब से चाकू निकालकर बीच-बचाव कर रहे पप्पू बर्मन और अनुज कोल पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। वहीं यश, रोहित और छोटू ने लाठियां चलानी शुरू कर दीं और घरों पर ईंटें फेंककर मारीं। इस हमले में महिलाओं समेत कुल 11 लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। वारदात के बाद चारों आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकले।
