सीहोर: पांच साल का कार्यकाल गुजरने को है, लेकिन वार्ड क्रमांक 2 की बस्तियां अब तक बुनियादी सुविधाओं की बाट जोहती रहीं. आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित इस वार्ड में विकास की रफ्तार इतनी सुस्त रही कि बारिश आते ही गलियां दलदल में तब्दील हो जाती हैं. कच्ची सड़कों पर कीचड़, नालियों का अभाव और घरों में घुसता बारिश का पानी गरीब परिवारों की परेशानी बढ़ाता रहा है. गर्मी में पेयजल संकट और रात में स्ट्रीट लाइट की कमी ने रहवासियों की मुश्किलें और बढ़ाई हैं. विडंबना यह है कि हर चुनाव में यहां जनप्रतिनिधि बदलने का अवसर भले न आता हो, लेकिन समस्याएं बरकरार रही हैं. अब जबकि नगरपालिका परिषद का कार्यकाल अंतिम दौर में है, वार्ड में विकास कार्यों ने रफ्तार पकडऩा शुरू किया है.
नगरपालिका परिषद के वर्तमान कार्यकाल के अंतिम चरण में आखिरकार वार्ड क्रमांक 2 में विकास कार्यों की शुरुआत हो गई है. करीब 12 हजार की आबादी वाले इस वार्ड के रहवासी लंबे समय से पक्की सड़कों, नालियों, स्ट्रीट लाइट और नियमित पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की राह देख रहे हैं. बारिश के दिनों में कच्ची सड़कों पर कीचड़ और घरों में घुसता पानी लोगों की परेशानी बढ़ाता रहा है. अब अमृत योजना फेस-2 के तहत सीवेज लाइन बिछाने का काम लगभग 90 प्रतिशत पूरा होने के बाद सड़कों का निर्माण शुरू हुआ है. हालांकि सवाल यही है कि कार्यकाल के आखिरी महीनों में शुरू हुए ये काम वार्ड की वर्षों पुरानी समस्याओं से कितनी राहत दिला पाएंगे. नगरपालिका का वार्ड क्रमांक 2 आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित है. यहां हर चुनाव में आदिवासी वर्ग का प्रतिनिधि पार्षद चुना जाता रहा है.
वर्तमान में विपिन सास्ता नाना वार्ड के पार्षद होने के साथ नगरपालिका उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं. पिछले चुनाव में कांग्रेस ने यहां से आयतित प्रत्याशी को चुनाव में उतारा था. जिसकी वजह से नाना ने आसानी से विजय हासिल की थी. वे इससे पहले भी दो बार पार्षद रह चुके हैं. इस वार्ड में करीब 2600 मतदाता हैं, जबकि आबादी लगभग 12 हजार बताई जाती है. इसके अंतर्गत देवनगर कॉलोनी, ब्रह्मपुरी कॉलोनी का एक हिस्सा और इंद्रानगर क्षेत्र आता है. वार्ड में बड़ी संख्या में मजदूर और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार रहते हैं. ऐसे में सड़क, नाली और पेयजल जैसी सुविधाओं का अभाव उनके लिए रोजमर्रा की मुश्किल बन जाता है. चुनाव के दौरान विकास की उम्मीदें जरूर जगती हैं, लेकिन रहवासियों की मानें तो बुनियादी सुविधाओं के मामले में वार्ड को अपेक्षित राहत नहीं मिल सकी है. हर साल बारिश के दौरान नगरपालिका की ओर से कच्ची सड़कों पर मुरम डालकर अस्थायी राहत देने की कोशिश की जाती रही है. इसके पीछे सीवेज लाइन बिछने के बाद पक्की सड़कें बनाने का तर्क दिया जाता था. नतीजतन रहवासियों को लंबे समय तक समाधान का इंतजार करना पड़ा. इसके अलावा कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट की कमी के कारण रात में अंधेरा रहता है, वहीं गर्मी के मौसम में पेयजल संकट भी मुश्किलें बढ़ाता है. हालांकि वार्ड पार्षद विपिन सास्ता का कहना है कि शीघ्र ही वार्ड की सभी सड़कों व नालियों का निर्माण हो जाएगा और अन्य विकास कार्य कराए जाएंगे.
सीवेज के बाद सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ
वार्ड क्रमांक 2 में शहर का प्रमुख छावनी विश्राम घाट भी स्थित है, जहां अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों का आना-जाना लगा रहता है. इसके बावजूद वार्ड की बस्तियों में बुनियादी सुविधाओं की कमी लंबे समय से बनी रही. हालांकि अब स्थिति में बदलाव की शुरुआत दिखाई देने लगी है. अमृत योजना फेस-2 के तहत सीवेज लाइन बिछाने का काम लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है. जिन स्थानों पर लाइन बिछाने का काम पूरा हो गया है, वहां पक्की सड़कों का निर्माण शुरू कर दिया गया है.नवभारत की वार्ड परिक्रमा के दौरान देवनगर कॉलोनी में सड़क निर्माण कार्य चलता मिला. मौके पर स्थानीय पार्षद एवं नगरपालिका उपाध्यक्ष विपिन सास्ता नाना भी मौजूद थे. उन्होंने स्वीकार किया कि सीवेज लाइन बिछाने में हुई देरी का असर वार्ड के विकास कार्यों पर पड़ा है. उनके अनुसार अब आगामी कुछ महीनों में वार्ड की सभी सड़कों को पक्का बनाने का काम पूरा कर लिया जाएगा.
बारिश में सड़कों पर कीचड़, घरों तक पहुंचता है पानी
वार्ड की कई गलियां लंबे समय तक कच्ची रही हैं. पक्की सड़कों और नालियों के अभाव में बारिश होते ही देवनगर, ब्रह्मपुरी और इंद्रानगर की बस्तियों में कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन जाती है. पानी की निकासी का उचित इंतजाम नहीं होने से बारिश का पानी घरों की दहलीज पार कर अंदर तक पहुंच जाता है. इससे गरीब परिवारों के घरेलू सामान को नुकसान उठाना पड़ता है और उनकी परेशानी बढ़ जाती है.
वार्ड का सर्वांगीण विकास कराएंगे
यह कहना उचित नहीं है कि वार्ड क्रमांक दो के साथ उपेक्षित व्यवहार किया गया है. मेरे कार्यकाल में इस वार्ड में भी पर्याप्त विकास कार्य कराए गए हैं. वार्ड पार्षद एवं नपा उपाध्यक्ष विपिन सास्ता द्वारा परिषद में जो भी कार्य बताए गए उन्हें प्राथमिकता के साथ पूरा किया गया है और विकास कार्य जारी हैं. सड़कों का कार्य सीवेज के चलते जरूर अटका था, लेकिन अब काफी हद तक सीवेज कार्य हो चुका है. ऐसे में इन सड़कों का निर्माण भी प्रारंभ हो गया है.
प्रिंस राठौर,
नगरपालिका अध्यक्ष
