कड़े नियमन, नयी पहलों से भारत में उपभोक्ताओं को बल मिला है: प्रल्हाद जोशी

नयी दिल्ली, 15 मार्च (वार्ता) उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने शनिवार को कहा कि सरकार के इको-लेबलिंग कार्यक्रमों, ई-कॉमर्स क्षेत्र में अनुचित व्यापार के तरीकों पर अंकुश और ग्रीनवाशिंग (अपने हरित उत्पाद के बारे में कंपनियों के भ्रामक दावे) के विरुद्ध नियम कड़े करने करने और उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच जैसी पहल से देश में उपभोक्ताओं को बल मिल रहा है।

श्री जोशी विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस 2025 पर मंत्रालय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में आडियो-वीजुअल माध्यम से अपने संबोधन में कहा कि केंद्र जिम्मेदार उपभोक्ता नीतियों के माध्यम से पारिस्थितिकी की दृष्टि से स्वस्थ विकास को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उद्धृत करते हुए कहा, “ भारत सरकार न केवल उपभोक्ता संरक्षण पर ध्यान केंद्रित कर रही है, बल्कि उपभोक्ताओं की समृद्धि पर भी। ”

उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के तहत उपभोक्ता मामले विभाग ने विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के अवसर पर ‘टिकाउ जीवन शैली में एक न्यायसंगत परिवर्तन विषय पर इस वेबिनार का आयोजन किया। अपने स्वागत भाषण में उपभोक्ता विभाग की सचिव निधि खरे ने कहा कि कि राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) 3.0 के माध्यम से शिकायतों के समाधान का समय को 45 से घटा कर सात दिन पर लाना है।

श्री जोशी ने कहा कि टिकाऊ जीवनशैली जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता हानि और प्रदूषण के अंतर्संबंधित संकटों को संबोधित करने की कुंजी है। यह ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के अवसर को प्रस्तुत करता है, जो लोगों और इस धरती दोनों को लाभ पहुंचाने वाला समाधान प्रदान करता है।

श्री जोशी ने भ्रामक विज्ञापनों, डार्क पैटर्न, ग्रीनवाशिंग और कोचिंग क्षेत्र में भ्रामक विज्ञापन की रोकथाम के लिए दिशा-निर्देश जारी करने के लिए उपभोक्ता मामले विभाग और सीसीपीए के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने ई-कॉमर्स पर उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए उपभोक्ता संरक्षण ई-कॉमर्स नियम, 2020 को लागू करने और सक्रिय कार्रवाई करने और पहल शुरू करने के लिए विभाग को बधाई दी।

उन्होंने आगे बीआईएस की गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों को मान्यता देने, सोने के आभूषणों की हॉलमार्किंग और घटिया उत्पादों को वापस मंगाने की पहल पर जोर दिया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि उपभोक्ताओं को गुणवत्ता वाले उत्पाद मिलें।

उन्होंने 769 उत्पादों को कवर करने वाले 180 गुणवत्ता नियंत्रण अदेश (क्यूसीओ ) जारी करने के लिए बीआईएस की सराहना की और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों और टिकाऊ पैकेजिंग की पहचान और बढ़ावा देने के लिए इको मार्क योजनाओं और पैकेजिंग सामग्री के मानकों को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए बीआईएस की सराहना की।

उन्होंने कहा कि सामान का पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण को जीवन का हिस्सा बनने की जरूरत है। इसी संदर्भ में उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘मिशन लाइफ’ के विचार का उल्लेख किया जो प्रचलित ‘उपयोग करो और फेंको’ वाली विवेकहीन और विनाशकारी खपत से निर्देशित अर्थव्यवस्था को एक ‘सर्कुलर अर्थव्यवस्था’ से बदलने की परिकल्पना है, जिसमें विचारशील और समझबूझ के साथ उपयोग वाले जीवन पर बल दिया गया है।

इस अवसर पर विभाग के राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने कहा कि भारत अपनी विशाल जनसंख्या के साथ अपनी नीतियों और नियामक ढांचों के माध्यम से उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा करने वाले विकासशील देशों में से एक है।

उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव सुश्री खरे ने स्वागत भाषण में कहा कि स्वस्थ विकास का मॉडल महंगा नहीं , बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए सस्ता होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार, टिकाऊ जीवन शैली में एक न्यायसंगत परिवर्तन की आवश्यकता है तथा समृद्ध उपभोक्तओं के लिए सामान बनाने वाले निर्माताओं को वह सामान पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ बनाने में परिश्रम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को भी देखना चाहिए कि वे संसाधनों का उपयोग विचारशील तरीके से कहां करें।

उन्होंने केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) द्वारा उठाए गए कदमों का विवरण दिया, जिसमें ग्रीनवाशिंग की रोकथाम और विनियमन के लिए दिशानिर्देश, 2024 जारी किए गए, जो उचित टिकाऊ दावों के लिए निर्माताओं द्वारा उचित सावधानी पर केंद्रित हैं।

उन्होंने बताया कि सीसीपीए ने कोविड-19 महामारी के दौरान बुक किए गए हवाई टिकटों के लिए 1454 करोड़ रुपये के रिफंड करवाए। इसके अतिरिक्त, विभाग ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के लिए एक सुरक्षा प्रतिज्ञा शुरू की, जहां कंपनियां बिना किसी पंजीकरण या शुल्क के उपभोक्ता मुद्दों को तुरंत हल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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