इंदौर: इंदौर का मास्टर प्लान दिसंबर जनवरी में आने की संभावना बताई जा रही है. इसका कारण यह है कि जनवरी 27 में प्रदेश की ग्लोबल इन्वेस्टर मीट होने वाली है. ग्लोबल इन्वेस्टर मीट में इन्वेस्टरों को जमीन देने के लिए सरकार को मास्टर प्लान के तहत भू उपयोग बताना पड़ेगा.शहर का मास्टर प्लान आखिर कब आएगा? उक्त प्रशासन का जवाब प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर मीट के साथ मिल सकता है.
वैसे इंदौर का मास्टर प्लान 2021 कि समय सीमा खत्म हो चुकी है और नए मास्टर प्लान का ड्राफ्ट 2026 बीतने के बाद भी लागू नहीं हो सका है. पुराने मास्टर प्लान का समय खत्म हुए 5 बीत चुके है. इंदौर जिले के मास्टर प्लान को लेकर शहर के आसपास 79 गांव की जमीनों पर प्रत्यक्ष रूप से रोक लगा रखी है. मास्टर प्लान को लेकर लंबे समय से कवायद चल रही है कि एक महीने में होगा, एक हफ्ते में या एक पखवाड़े में होगा.
वहीं भोपाल का मास्टर प्लान सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लागू हो गया, जिसको दो महीने से ज्यादा हो चुके है. बताया जा रहा है कि मास्टर प्लान में 79 गांव की जमीन शामिल है और 3 जिलों की सीमा से सीधा जोड़ दिया है. करीब 950 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में मास्टर प्लान का एरिया होगा। इंदौर का विजन डॉक्यूमेंट कब आएगा? टीएनसीपी के सूत्रों के अनुसार उक्त सवाल का समाधान जनवरी में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर मीट के पहले या बाद में हो सकता है. ऐसा कहा जा रहा है कि इंदौर मास्टर प्लान को घोषित करके इन्वेस्टरों को विभिन्न जमीनों के भू उपयोग की जानकारी दी जाएगी, जिससे वे निवेश करने के लिए आकर्षित हो सके.
