कार्यों में देरी हुई तो नपेंगे इंजीनियर-निर्माण की सीमा बार बार नहीं बढ़ेगी 

उज्जैन। महाकाल की नगरी में सिंहस्थ महाकुंभ-2028 की तैयारियों के बीच अब निर्माण कार्यों में लेटलतीफी करने वाले इंजीनियरों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए शहर में सडक़, पुल, रेलवे ओवरब्रिज, अंडरपास और अन्य विकास कार्य तेजी से पूरे कराने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।

शनिवार को संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह ने साफ कर दिया कि निर्माण कार्यों की निर्धारित समयसीमा बार-बार नहीं बढ़ाई जाएगी। तय समय पर काम पूरा नहीं होने पर संबंधित उपयंत्री के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई होगी। संभागायुक्त ने कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के साथ शहर में चल रहे सडक़ निर्माण कार्यों की स्थिति देखी और बाद में लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, मध्यप्रदेश सडक़ विकास निगम तथा सेतु निगम के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को अलग-अलग टीमें लगाकर काम की रफ्तार बढ़ाने और इंजीनियरों की कार्यस्थल पर अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा। सदावल हेलीपैड के काम में देरी

सदावल हेलीपैड के लैंडस्केपिंग, फर्श और साज-सज्जा के कार्यों में देरी सामने आने पर संभागायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि हेलीपैड के सभी शेष काम दिसंबर 2026 के अंत तक पूरे होने चाहिए। निर्माण एजेंसियों को निर्धारित समयसीमा के अनुसार काम करना होगा। इसके लिए अतिरिक्त टीमें लगाई जाएंगी। समय पर कार्य पूर्ण नहीं करने वाले संबंधित उपयंत्रियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। सिंहस्थ के लिए सेतु निगम द्वारा 20 पुल और रेलवे ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं। इनमें से कई निर्माण कार्य मार्च से जून 2027 के बीच पूरे होने का लक्ष्य है। मक्सी रोड पर आईटीआई के पास बन रहा रेलवे ओवरब्रिज सबसे पहले पूरा होने की संभावना है। फ्रीगंज रेलवे ओवरब्रिज का काम मई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

नवंबर में दताना-नागझिरी फोरलेन

समीक्षा में बताया गया कि दताना से नागझिरी चौराहे तक बन रहे फोरलेन मार्ग का निर्माण नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसी प्रकार हरिफाटक ब्रिज के पास से महाकाल लोक तक बनाए जा रहे अंडरपास के लिए 31 मार्च 2027 की समयसीमा निर्धारित की गई है। संभागायुक्त ने लोक निर्माण विभाग सहित अन्य एजेंसियों को कार्यों में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त टीमें लगाने को कहा। सिंहस्थ के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की जांच अब इंजीनियरिंग कॉलेज की टीम से भी कराई जाएगी। यह टीम निर्माण एजेंसियों द्वारा बताए जा रहे कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन करेगी। सभी विभागों को निर्माण कार्यों की भौतिक और वित्तीय प्रगति के अद्यतन आंकड़े सॉफ्टवेयर पर दर्ज करने को कहा गया है।

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