आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने वाले सेवा सहकारी समिति के प्रभारी प्रबंधक के घर EOW की छापे की कार्यवाही

रीवा, छापे एवं सत्यापन में ₹22.50 लाख की जमीन के दस्तावेज, 11.97 लाख का सोना, 6 बैंक खाते व 6 बीमा पॉलिसियां मिली।

जांच में हुंडई क्रेटा, विटारा ब्रेजा, महिंद्रा ट्रैक्टर, बुलेट एवं पैशन प्रो सहित कई महंगे वाहनों के क्रय का खुलासा।

नागौद क्षेत्र में 2200 वर्गफिट का आलीशान पक्का मकान निर्मित करायाः पुत्र की दिल्ली में पढ़ाई पर लाखों के व्यय का मामला।

खाद कालाबाजारी व धोखाधड़ीः यूरिया निर्धारित 593/- की जगह 600/- रू. में बेचकर किसानों और शासन के साथ की जालसाजी।

POS मशीन में 122 फर्जी किसानों की एंट्री दर्ज कर वास्तविक किसानों के परमिट में काट-छांट व खाद की कालाबाजारी प्रमाणित ।

बैंक खातों एवं बीमा पॉलिसी की जांच जारी।

1. आय से अधिक संपत्ति का मामला (FIR No. 110/2026)

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) इकाई रीवा द्वारा सेवा सहकारी समिति अमकुई, जिला सतना के तत्कालीन प्रभारी समिति प्रबंधक सुरेंद्र प्रताप सिंह बघेल के विरूद्ध आय से अधिक संपत्ति के आरोपों का विस्तृत सत्यापन किया गया। आरोपी की नियुक्ति वर्ष 2006 में बिक्रेता पद पर हुई थी, जो 2020 में प्रभारी प्रबंधक बने। आलोच्य अवधि (जनवरी 2007 से सितंबर 2025 में आरोपी की कुल वैध आय 17,51,050/- पाई गई। इसके विपरीत शुरूआती जांच में पाया गया व्यय 57,68,622/-सत्यापन में मिले भूमि दस्तावेज 22,50,000/- एवं स्वर्ण आभूषण 11,97,552/- को मिलाकर आरोपी के पास कुल 92,16,174/- की संपत्ति एवं व्यय पाया गया जो उनकी वैध आय से 426 प्रतिशत अधिक है।

2. खाद वितरण में कूटरचना व कालाबाजारी का मामला (FIR NO.111/2026)

ईओडब्ल्यू की जांच में आरोपी द्वारा सेवा सहकारी समिति अमकुई में पदस्थ रहते हुये खाद वितरण में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा करना पाया गया। आरोपी द्वारा शासन द्वारा निर्धारित यूरिया की दर 593/- प्रति क्विंटल के स्थान पर किसानो से 600/- प्रति क्विंटल वसूल कर अवैध लाभ कमाया गया तथा किसानों को अधिक ऋणि बनाया गया।

जांच में पाया गया कि आरोपी ने POS मशीन में कुल 194 किसानों का विवरण दर्ज किया जिसमें से 122 फर्जी किसानों के नाम प्रविष्ट कर खाद की कालाबाजारी की गई। इसके अलावा असली किसानों के परमिट एवं रसीदों (जैसे परमिट बुक 12432,12652,12653 आदि) की कार्बन प्रतियों में काट-छांट कर 10 से 20 बोरी यूरिया व डीएपी अतिरिक्त दर्ज कर

ऋण समायोजित कराया गया तथा फर्जी स्टॉक रजिस्टर तैयार किया गया।

पंजीबद्ध अपराध एवं धाराएः

FIR NO. 110/2026: धारा 61(2) BNS एवं 13 (1) (b) भ्रष्टाचार

निवारण अधिनियम (संशोधित 2018)

FIR NO.111/2026: धारा 316(5),318(4),338,336(3) 2023 एवं धारा 7 (c), 13(1)(a), 13(2) भ्रष्टाचार

निवारण अधिनियम ।

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