कोयला प्रोडक्शन के फेर में चालक की हुई मौत

सिंगरौली : कोयला प्रोडक्शन के फेर में एनसीएल परियोजना जयंत के माइनिंग प्रबंधक की मनमानी के चलते एक टीपर वाहन के चालक की अकाल मौत हो गई। मृतक के परिजनो का आरोप है कि प्रोडक्शन बढ़ाने के चक्कर में जयंत परियोजना के अधिकारियों ने कलेक्टर के आदेश को नजर अंदाज कर दिया है। जिसका खामियाजा जदुनन्दन कुशवाहा के परिवार के परिजनो को हमेशा के लिए भुगतना पड़ेगा।

दरअसल बुधवार की अलसुबह एनसीएल परियोजना जयंत के खदान में दो कोल टीपर वाहन टकरा गये, जिसमें कचनी निवासी जदुनन्दन कुशवाहा उम्र 38 वर्ष पिता रामायण प्रसाद कुशवाहा की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद नेहरू चिकित्सालय जयंत में मृतक के परिजनो ने जमकर हंगामा किया, वहीं आरोप परिजनो का आरोप था कि जब कलेक्टर ने शारदीय नवरात्रि एवं विजयदशमी पर्व के मद्देनजर 19 अक्टूबर की शाम 6 बजे से 22 अक्टूबर की अल सुबह 6 बजे तक कोल एवं फ्लाई ऐश परिवहन पर पूरी तरह से रोक लगाया गया था, फिर कोल परिवहन क्यों कराया गया, साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि ट्रांसपोर्टर के द्वारा 8 घंटे के स्थान पर 12 घंटे की ड्यूटी कराई गई है। अनिद्रा के चलते जदुनन्दन का कोल टीपर वाहन बे्रक डाउन दूसरे टीपर वाहन से टकरा गया। सवाल यही उठाया जा रहा है कि जब कोल परिवहन पर प्रतिबंध लगाया था, फिर कोयला ट्रांसपोर्ट खदान से जयंत स्पर्स साइडिंग कॉटामोड़ मोरवा में परिवहन क्यों कराया गया, श्रमिक संगठनों ने भी दबी जुबान में मान रहे हैं कि इस मामले में जयंत परियोजना के माइनिंग मैनेजर पर भी अपराध पंजीबद्ध होना चाहिए। कई प्रबुद्ध नागरिको ने पुलिस अधीक्षक का ध्यान आकृष्ट कराते हुये माइनिंग मैनेजर परियोजना जयंत राजीव सिन्हा के विरूद्ध भी कड़ी कार्रवाई किये जाने की मांग शुरू कर दी गई है।

कलेक्टर के आदेश पर भारी माइनिंग प्रबंधक
शारदीय नवरात्रि एवं दशहरा पर्व के मद्देनजर सुरक्षा के दृष्टिगत सिंगरौली कलेक्टर के द्वारा 19 अक्टूबर की शाम 6 बजे से 22 अक्टूबर की सुबह 6 बजे तक कोयला के साथ-साथ फ्लाई ऐश के परिवहन पर पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया था। फिर कोयले का परिवहन खदान से मोरवा साइडिंग तक क्यों कराया जा रहा था। मृतक के परिजनो के बीच यही चर्चा थी कि कलेक्टर के आदेश को एनसीएल परियोजना जयंत के अधिकारी मान गये होते तो जदुनन्दन कुशवाहा अनायाश काल के गाल में न समाते और न ही बच्चो से साया उठता। जनचर्चा है कि इसमें कहीं न कहीं माइनिंग प्रबंधक की घोर लारवाही बताई जा रही है।

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