
मालवा- निमाड़ की डायरी
संजय व्यास
चुने हुए जनप्रतिनिधि जब नीरस हो जाएं, लोगों के काम करने के बजाय खुद का स्वार्थ ढूंढने लगें, तो शार्प माइंड आईएएस उन पर हावी हो जाते हैं. वे ही सरकार चलाने लगते हैं. ऐसा ही कुछ मालवा- निमाड़ में दिख रहा है. निमाड़ में तो प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधियों पर हावी हैं. इसका दुष्परिणाम क्षेत्र की जनता भुगत रही है. खंडवा में तो विकास की अधूरी कहानी मुंह चिढ़ा रही है. तीन पुलिया ओवर ब्रिज 8 साल में भी नहीं बन पाया. ठेकेदार बड़े नेता हैं. उनके कद के चार जिले के बड़े जनप्रतिनिधि भी छोटे हैं. इतने छोटे कि जनता की जायज मांग भी उनसे कर ली, तो अगली बार टिकट के लाले पड़ जाएंगे. बस, मर्जी के मुताबिक वे ओवर ब्रिज का काम करवा रहे हैं. जनता सांप की तरह इधर- उधर से निकल रही है. 10 साल से छोटी लाइन को बड़ी लाइन में कन्वर्ट करने के लिए अकोला से महू तक मशक्कत हो रही है. जनप्रतिनिधियों की कमजोरी के कारण यह लाइन पूरी नहीं हो पा रही है. खंडवा से सनावद तो मुश्किल से मेमू रेल चला दी. तुकईथड़ से खंडवा की लाइन ढाई साल से रेल विभाग ने ओके कर दी. ट्रायल ट्रेन एक दिन के लिए चली. इसमें भी विद्युतीकरण गड़बड़ होने के कारण डीजल इंजन इस रेल को खींचकर लाया. ऐसे खोखले विकास के दिखावे से जनता को क्या फायदा है? जावर उद्वाहन सिंचाई योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई. खंडवा की नर्मदा लाइन जैसी जगह-जगह से ट्रायल में ही फूट रही है. अरबों रूपया उद्वाहन सिंचाई में आ चुका है, लेकिन खेतों की प्यास बुझी नहीं. कमजोर जनप्रतिनिधित्व के कारण जनता भी परेशान है. लोगों की समस्याएं हों तो दफ्तर में दो दो रिटायर्ड बैठे हैं, जो कोई भी मामला हो चि_ी बना देते हैं. बस डाकिए का काम जनप्रतिनिधि कर रहे हैं. इससे विकास कैसे होगा?
नजर चूक या नजर अंदाज
इंदौर विधान सभा क्षेत्र क्र. 1 के पूर्व विधायक की नवरात्रि में निकली चुनरी यात्रा का पोस्टर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में आ गया है. इसे नजर चूक कहें या नजर अंदाजगी, लेकिन लोग इसे आस्था की आड़ में सियासी खेल की संज्ञा दे रहे हैं. बताया जा रहा है कि इस पोस्टर में मुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष से लेकर संगठन के हर छोटे-बड़े नेता की तस्वीर मौजूद थी, मगर दिग्गज नेता स्थानीय विधायक व कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को स्थान नहीं दिया गया. आयोजक पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता की इस भव्य चुनरी यात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और पार्टी के तमाम दिग्गज भी शामिल हुए. कैलाश विजयवर्गीय भी यात्रा में पहुंचे जरूर, पर मुख्यमंत्री के कदम रखने से पहले ही वे वहां से रवाना हो गए. अब इसे आयोजक भले ही नजर चूक बता रहे हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर अनेक टिप्पणियां शुरू हो गई है.
चर्चा में धार भाजपा जिला अध्यक्ष
अभी धार सांसद व केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर का क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विकास कार्यों का भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित हुआ. यह सब तो औपचारिक था, पर इसमें लोगों का सबसे ज्यादा ध्यान मंच पर विराजित अथितियों ने खींचा. दरअसल कार्यक्रम के दौरान भाजपा जिला ग्रामीण अध्यक्ष चंचल पाटीदार ने एक बेहद सराहनीय और अभिनव पहल की. मंच पर आमंत्रित अतिथियों के पारंपरिक स्वागत-सत्कार के ठीक बाद, जिला अध्यक्ष ने घोषणा की कि ग्रामीण क्षेत्रों में भारतीय जनता पार्टी की बुनियाद के असली पत्थर गांव के जनप्रतिनिधि और जमीनी कार्यकर्ता हैं. इसके साथ ही उन्होंने गांव-गांव से आए इन जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को ससम्मान मंच पर आमंत्रित किया और उन्हें केंद्रीय मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर के साथ अग्रिम पंक्ति में मंचासीन कर उनका आत्मीय स्वागत किया. पाटीदार की इस पहल की सावित्री ठाकुर ने तो सराहना की ही, पर सम्मान पाए इन अतिथियों के साथ उपस्थित जनसमुदाय का भी उन्होंने दिल जीत लिया. अब पार्टी जिलाध्यक्ष चंचल पाटीदार को इस प्रशंसनीय कदम ने चर्चा में ला दिया है.
निमाड़ में जनप्रतिनिधियों पर आईएएस हावी! … में मालवा-निमाड़
– चर्चा में धार भाजपा जिला अध्यक्ष … में चंचल पाटीदार
