आष्टा। नगर के विकास की दिशा में नपाध्यक्ष हेमकुंवर मेवाड़ा की अध्यक्षता में विशेष सम्मेलन में नगरीय सीमा विस्तार का प्रस्ताव बहुमत से पारित किया गया. वर्ष 1994 के बाद करीब 32 वर्षों में पहली बार नगर की सीमाओं के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हुई है.
बैठक में सीएमओ विनोद कुमार प्रजापति ने सीमा विस्तार से संबंधित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया. प्रस्ताव में आसपास के क्षेत्रों को नगरीय सीमा में शामिल करने की बात कही गई. हालांकि प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय राज्य शासन की स्वीकृति के बाद होगा. बैठक में बताया कि भोपाल-इंदौर बायपास और कन्नौद रोड़ बायपास के विकसित होने के साथ पपनास नदी की प्राकृतिक सीमा को ध्यान में रखकर नगर की सीमाओं का युक्तिसंगत पुनर्निर्धारण किया जा रहा है. इससे शहर के विस्तार को व्यवस्थित करने और भविष्य की विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी. नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने कहा कि सीमा विस्तार से इन क्षेत्रों के निवासियों को सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और शुद्ध पेयजल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का रास्ता खुलेगा. उन्होंने कहा कि नए क्षेत्रों में बिना भेदभाव विकास कार्य कराए जाएंगे. उपाध्यक्ष सिद्दीका बी भूरू खां, पार्षदगण, एल्डरमेन और नगरपालिका के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे.
