नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (वार्ता) दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने जंतर-मंतर पर सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों पर पाबंदी लगाने और प्रदर्शन स्थलों को रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और शाहदरा के सीबीडी ग्राउंड में स्थानांतरित करने के फैसले को मोदी सरकार का अलोकतांत्रिक और कायरतापूर्ण कदम बताया है।
श्री यादव ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के आंदोलन से मोदी सरकार घबरा गयी है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर संसद और सत्ता के गलियारों के करीब अपनी आवाज पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच रहा है।
उन्होंने कहा कि 1993 के दौरान तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने बोट क्लब से विरोध प्रदर्शनों को जंतर-मंतर स्थानांतरित किया था, ताकि प्रदर्शनकारियों की आवाज सरकार तक पहुंचे और उनकी समस्याओं का समाधान हो सके। उन्होंने सवाल किया कि जब अमेरिका में व्हाइट हाउस के पास सरकार के खिलाफ प्रदर्शन की अनुमति है, तो मोदी-शाह सरकार विरोध प्रदर्शनों से क्यों डर रही है?
श्री यादव ने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग को लेकर बढ़ते देशव्यापी आंदोलन के बीच प्रदर्शन स्थल बदलने का फैसला जनता की लोकतांत्रिक आवाज दबाने का प्रयास है।
Tue Oct 13 , 2026
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