जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की पाबंदी मोदी सरकार का अलोकतांत्रिक कदम- देवेंद्र

श्री यादव ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के आंदोलन से मोदी सरकार घबरा गयी है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर संसद और सत्ता के गलियारों के करीब अपनी आवाज पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच रहा है।

उन्होंने कहा कि 1993 के दौरान तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने बोट क्लब से विरोध प्रदर्शनों को जंतर-मंतर स्थानांतरित किया था, ताकि प्रदर्शनकारियों की आवाज सरकार तक पहुंचे और उनकी समस्याओं का समाधान हो सके। उन्होंने सवाल किया कि जब अमेरिका में व्हाइट हाउस के पास सरकार के खिलाफ प्रदर्शन की अनुमति है, तो मोदी-शाह सरकार विरोध प्रदर्शनों से क्यों डर रही है?

श्री यादव ने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग को लेकर बढ़ते देशव्यापी आंदोलन के बीच प्रदर्शन स्थल बदलने का फैसला जनता की लोकतांत्रिक आवाज दबाने का प्रयास है।

 

Next Post

कोचिंग की फीस काटने पर छात्रों ने किया स्कूल में प्रदर्शन

Tue Oct 13 , 2026
रीवा: माडल स्कूल में छात्रों द्वारा संबल की राशि कोचिंग की फीस में काटे जाने का विरोध किया गया. साथ ही मांग पूरी न होने पर भूख हड़ताल में बैठने की चेतावनी दी गई. मॉडल स्कूल बच्चो की संबल की फीस नही दी जाने की बात सामने आई है. जिसमे […]

You May Like

Play sound