- परमीत सेठी और अर्चना पूरन सिंह ने 1988 में शादी की थी, लेकिन लंबे समय तक इसे छुपाकर रखा।
- अर्चना अपने करियर पर शादी के असर को लेकर परेशान थीं। इसलिए छिपाई शादी की बात
- दोनों ने करीब 4 साल तक अपनी शादी की बात सार्वजनिक नहीं की थी।
बलरामपुर के एक मिडिल क्लास और शांत माहौल से निकलकर मुंबई की चमक-दमक भरी दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाना किसी भी कलाकार के लिए आसान नहीं होता। जब बात हिंदी सिनेमा की हो, तो यहां सक्सेस के कई अलग ही पैमाने तय किए जाते हैं। एक्टर्स की लाइफ से जुड़ी कई ऐसी अनकही कहानियां होती हैं जो परदे के पीछे ही दबी रह जाती हैं। कुछ ऐसा ही किस्सा बॉलीवुड इंडस्ट्री के जाने-माने एक्टर परमीत सेठी और उनकी पत्नी अर्चना पूरन सिंह की जिंदगी से जुड़ा हुआ है।
आज के समय में इन कपल की गिनती इंडस्ट्री के सबसे मजबूत और खुशहाल जोड़ों में होती है, लेकिन इनके शुरुआती दिनों का सफर इतना सीधा और आसान नहीं था। एक समय ऐसा भी था जब इन्हें अपने पर्सनल लाइफ की सबसे बड़ी खुशी को दुनिया की नजरों से छिपाकर रखना पड़ा था।
अचानक हुई मुलाकात और शुरू हुआ जिंदगी का नया सफर
दो अलग-अलग दिशाओं से आए दो इंसान जब किसी कॉमन दोस्त की पार्टी में आपस में मिलते हैं, तो शायद ही किसी को यह अंदाजा होता है कि यह मुलाकात एक दिन जिंदगीभर के रिश्ते में बदल जाएगी। परमीत सेठी और अर्चना पूरन सिंह की पहली मुलाकात कुछ इसी तरह की थी।
धीरे-धीरे दोनों पास आने लगे और दोनों ने एक-दूसरे के साथ जिंदगी बिताने का फैसला कर लिया। साल 1992 में दोनों ने बेहद सादगी के साथ शादी के बंधन में बंधने का फैसला लिया। उस दौर में दोनों का यह फैसला पूरी तरह से व्यक्तिगत था, जिसे उन्होंने अपने परिवार और कुछ खास लोगों के बीच ही सीमित रखा। उस समय किसी को यह भनक तक नहीं लगी कि यह कपल चुपचाप शादी के बंधन में बंध चुका है।
करियर की खातिर छुपाकर रखा शादी का राज
90 के दशक में फिल्म इंडस्ट्री का माहौल आज के दौर से काफी अलग हुआ करता था। उस दौर में कलाकारों के पर्सनल लाइफ को लेकर समाज और प्रोड्यूसर के मन में कई तरह की दबी हुई रूढ़िवादी सोच थीं।
खास तौर से एक्ट्रेसेस के करियर को लेकर एक आम सोच यह बनी हुई थी कि यदि कोई एक्ट्रेस शादी कर लेती है, तो उसके पास काम के अवसर धीरे-धीरे कम होने लगते हैं। इंडस्ट्री के लोगों का ऐसा मानना था कि शादीशुदा एक्ट्रेसेस अपनी पेशेवर प्रतिबद्धताओं के प्रति उतनी गंभीर नहीं रह जाती हैं।
इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए परमीत सेठी ने यह सूझबूझ भरा फैसला लिया कि वे अपनी इस शादी को सार्वजनिक नहीं करेंगे। वह किसी भी कीमत पर यह नहीं चाहते थे कि उनके इस पर्सनल फैसले का बुरा असर अर्चना के उभरते हुए करियर पर पड़े।
4 साल बाद सामने आई लव स्टोरी
साल 1996 में एक इंटरव्यू के दौरान खुद अर्चना पूरन सिंह ने इस बात का खुलासा किया कि उन्होंने और परमीत ने अपनी शादी को इतने लंबे समय तक क्यों छिपाए रखा था। अर्चना पूरन सिंह ने बताया कि कैसे परमीत उनके करियर को लेकर बेहद फिक्रमंद थे और वे नहीं चाहते थे कि शादीशुदा लाइफ के कारण उनके काम में किसी भी प्रकार की अड़चन पैदा नहीं हो।
इस तरह से मुश्किल परिस्थितियों और इंडस्ट्री के कड़े नियमों के बीच भी दोनों ने आपसी समझ और अटूट भरोसे के साथ अपने रिश्ते को न सिर्फ संभाला, बल्कि उसे हर परीक्षा में सफल साबित किया।
शाहरुख खान की फिल्म में कुलजीत बनकर बटोरी सुर्खियां
साल 1995 में रिलीज हुई फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे परमीत सेठी के करियर की यादगार फिल्मों में से एक है। इसमें उन्होंने कुलजीत सिंह का रोल निभाया था, जो सिमरन की फैमिली की पसंद होता है। शाहरुख खान और काजोल की इस सुपरहिट फिल्म में परमीत के किरदार को आज भी याद किया जाता है।
