
इंदौर. स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने दुर्लभ कछुओं की तस्करी के मामले में मूसाखेड़ी के दो युवकों को गिरफ्तार किया है. उनके कब्जे से तीस कछुए और तीन मोबाइल फोन मिले हैं. बरामद सभी कछुए संरक्षित प्रजातियों में शामिल हैं और प्रारंभिक जांच में तस्करी का अंतरराज्यीय नेटवर्क सामने आया है.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहन गौड़ और केशव शर्मा के रूप में हुई है. टीम को सूचना मिली थी कि दोनों दुर्लभ कछुओं की खरीद फरोख्त के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं. इसके बाद निगरानी कर उन्हें पकड़ा. तलाशी में 14 इंडियन स्टार टॉरटॉइज, 10 इंडियन रूफ्ड टर्टल और छह स्पॉटेड पॉन्ड टर्टल मिले. वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तीनों प्रजातियां वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-1 में संरक्षित हैं. कार्रवाई के बाद आरोपियों के तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए. जांच टीम अब कॉल और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि कछुए किससे लिए थे और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था. पूछताछ में सामने आए अंतरराज्यीय कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है. दोनों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज कर उन्हें विशेष न्यायालय, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट इंदौर के समक्ष पेश किया. अदालत से वन विभाग ने रिमांड लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. वन्यजीवों की इन प्रजातियों के अवैध व्यापार में दोष सिद्ध होने पर तीन से सात साल तक के कारावास और जुर्माने का प्रावधान है. वन विभाग की अधिकारिक जानकारी के अनुसार आरोपियों से बरामद सभी कछुए संरक्षित प्रजातियों के हैं. मोबाइल फोन और पूछताछ के जरिए तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है. मामले में सामने आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच की जाएगी.
