भोपाल। नौ दिन, मां दुर्गा के नौ रूप और हर दिन पूजा की अलग मान्यता! आखिर नवरात्रि में दिन के साथ कैसे बदलती है मां की आराधना?
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है, जो शक्ति और स्थिरता का प्रतीक हैं। दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना से तप और संयम का संदेश मिलता है।
तीसरे दिन मां चंद्रघंटा, चौथे दिन मां कूष्मांडा और पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है।
छठे दिन मां कात्यायनी, सातवें दिन मां कालरात्रि और आठवें दिन मां महागौरी की आराधना होती है। वहीं, नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा के साथ नवरात्रि के नौ स्वरूपों की साधना पूरी होती है।
कहीं व्रत, कहीं दुर्गा सप्तशती का पाठ, तो कहीं कन्या पूजन और भजन-कीर्तन… हर दिन की पूजा में जुड़ी है एक अलग आस्था और परंपरा।
नवरात्रि सिर्फ नौ दिनों का पर्व नहीं, बल्कि शक्ति, भक्ति और आत्मसंयम का संदेश भी है।
