वेनेजुएला सुलह वार्ता में राजनीतिक सुधारों और बंदियों की रिहाई पर हुई प्रगति : अमेरिका

वाशिंगटन, 10 अक्टूबर (वार्ता) अमेरिका ने कहा है कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त देश की पिछली लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई विधायिका के प्रतिनिधियों के बीच सुलह वार्ता में न्यायिक सुधारों, प्रेस की स्वतंत्रता और राजनीतिक बंदियों की रिहाई के संबंध में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है, जब वेनेजुएला के राजनीतिक गुट चुनावी भागीदारी और संस्थागत सुधारों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाने का प्रयास कर रहे हैं। काराकस में अगस्त और सितंबर में आयोजित दो दौर की बैठकों के परिणामस्वरूप सुधारों की दिशा तय हुई है, जिनका उद्देश्य विश्वसनीय चुनावों और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक हस्तांतरण के लिए माहौल तैयार करना है।
अमेरिका ने एक बयान में कहा कि अंतरिम सरकार ने तीन जनवरी से अब तक 1,000 से अधिक राजनीतिक बंदियों को रिहा किया है, जबकि अगस्त में सुलह वार्ता शुरू होने के बाद से 177 अन्य बंदियों को रिहा करने की घोषणा की है।
इस वार्ता में वेनेजुएला की 2015 की नेशनल असेंबली (जिसका नेतृत्व उसकी अध्यक्ष डिनोरा फिगुएरा कर रही हैं) के प्रतिनिधि और अंतरिम सरकार (जिसका प्रतिनिधित्व वर्तमान नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज कर रहे हैं) एक साथ आए हैं।
अमेरिका ने कहा कि 2015 की विधायिका वेनेजुएला की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई विधायी संस्था थी, जिसे देश के सभी राजनीतिक दलों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मान्यता प्राप्त थी।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस वार्ता का एक मुख्य परिणाम सुप्रीम कोर्ट के चयन प्रक्रिया में सुधार रहा है, जिसके तहत दिसंबर तक 32 नए न्यायाधीशों का चयन किया जाना है। मंत्रालय ने कहा कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य न्यायिक स्वतंत्रता और पारदर्शिता को मजबूत करना है। उल्लेखनीय है कि भविष्य के चुनावों के परिणामों से जुड़ी चुनौतियों और याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ही फैसला सुनायेगा। न्यायिक उम्मीदवारों की जांच के लिए सात सदस्यीय क्रेडेंशियल्स काउंसिल की स्थापना की गयी है, जिसके अधिकतर सदस्यों का चयन 2015 की नेशनल असेंबली ने किया है। 23 सदस्यीय न्यायिक नामांकन समिति, जिसमें वर्तमान नेशनल असेंबली के 11 सदस्य और नागरिक समाज के 12 प्रतिनिधि शामिल हैं, काउंसिल से स्वीकृत सूची में से नामांकित व्यक्तियों का चयन करेगी।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि अंतरिम सरकार ने पहले से अवरुद्ध 70 से अधिक इंटरनेट डोमेन तक पहुंच को पूरी तरह या आंशिक रूप से बहाल कर दिया है। इनमें एल टिएम्पो, ईएफई, रिविस्टा सेमाना, एल पिटाजो और इफेक्टो कोकुयो जैसे मीडिया संस्थानों की वेबसाइट शामिल हैं।
एक अन्य कदम के तहत, वेनेजुएला की नेशनल असेंबली ने 2017 के ‘घृणा विरोधी कानून’ में सुधार के लिए एक आयोग का गठन किया है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इस कानून को पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार के दौरान विपक्षी नेताओं और शासन के आलोचकों को जेल में डालने के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले हथियार के रूप में वर्णित किया था। यह कानून “नफरत, भेदभाव या हिंसा को बढ़ावा देने या भड़काने” के लिए 20 वर्ष तक की कैद की सजा का प्रावधान करता है, हालांकि आलोचकों का कहना है कि इसका उपयोग असहमति की आवाज को दबाने के लिए किया गया था।
तीसरे दौर की सुलह वार्ता 14 अक्टूबर से शुरू होने वाली है, जिसमें प्रतिनिधिमंडलों द्वारा सुप्रीम कोर्ट चयन प्रक्रिया को अंतिम रूप देने तथा भविष्य के चुनावों में व्यक्तियों और राजनीतिक दलों की भागीदारी की गारंटी सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद है।
आगामी बैठकों में राष्ट्रीय चुनाव परिषद में सुधारों, शेष प्रतिबंधात्मक कानूनों को निरस्त करने तथा विपक्षी नेताओं और राजनीतिक दलों को लौटने एवं सार्वजनिक जीवन में भाग लेने की अनुमति देने के उपायों पर चर्चा होने की संभावना है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला के नेतृत्व वाली इस प्रक्रिया का समर्थन करता है। उसने कहा कि एक शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक हस्तांतरण के लिए टिकाऊ और मजबूत संस्थाओं की स्थापना आवश्यक है।
मंत्रालय ने कहा, “ट्रम्प प्रशासन वेनेजुएला के नेतृत्व वाली इस प्रक्रिया का समर्थन करना जारी रखेगा, क्योंकि यह संवाद से स्थायी लोकतांत्रिक संस्थाओं के निर्माण की ओर बढ़ रही है।”
अमेरिका ने जुआन पाब्लो गुआनिपा, फ्रेडी सुपरलानो और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रह चुके एनरिक मार्केज सहित प्रमुख विपक्षी हस्तियों की रिहाई का भी उल्लेख किया।
बयान में कहा गया कि निर्वासित विपक्षी नेता क्लाउडिया मैसेरो और उमर गोंजालेज मोरेनो भी वेनेजुएला लौट आये हैं।

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