श्रीनगर, 11 मई (वार्ता) जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि वह नयी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ अपनी बैठक में राज्य का दर्जा बहाल करने, कामकाज के नियमों, आरक्षण से जुड़े मामलों और अन्य प्रशासनिक मुद्दे उठाएंगे।
श्री अब्दुल्ला ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में एक ओर जहां राज्य का दर्जा बहाल करने का मुद्दा एक बार फिर उठाने की बात कही, वहीं दूसरी ओर उनके एजेंडे में शासन से जुड़े कई अन्य मामले भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, “अगर हमें किसी एक बैठक से ही राज्य का दर्जा मिल जाता, तो हमें यह बहुत पहले ही मिल गया होता। यह प्रक्रिया अभी चल रही है। लेकिन जब भी हम मिलते हैं, मैं हमेशा राज्य के दर्जे के बारे में बात करता हूं।”
उन्होंने कहा कि वह केंद्रीय गृह मंत्री से केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के कामकाज के नियमों, महाधिवक्ता के पद से जुड़े मुद्दों और आरक्षण के मामले पर भी चर्चा करेंगे, जिसे उपराज्यपाल ने दिल्ली को भेजा है। उन्होंने कहा, “मैं अपने कामकाज के नियमों के बारे में बात करना चाहता हूं। मैं महाधिवक्ता के बारे में बात करना चाहता हूं। मैं आरक्षण के उस मुद्दे पर बात करना चाहता हूं जिसे उपराज्यपाल ने दिल्ली को भेजा है। मैं गृह मंत्री के साथ कई अन्य मुद्दों पर भी बात करना चाहता हूं।”
मुख्यमंत्री ने जम्मू-कश्मीर में शराब की दुकानों को लेकर कहा कि उनके बयानों को राजनीतिक विरोधी तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “यह मेरी गलती है। मैं आपसे सड़क किनारे बात करता हूं। मैं समय की कमी के कारण इस तरह से जवाब देता हूं कि हमारे विरोधी उसे तोड़-मरोड़कर अलग तरीके से पेश कर देते हैं।” उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में शराब की दुकानें उन लोगों की जरूरतों को पूरा करती हैं जिनके धर्म में शराब पीने की इजाजत है-जिनमें पर्यटक और बाहर से आने वाले लोग भी शामिल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अतीत में किसी भी सरकार ने ऐसी दुकानों पर पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं लगाया था।
उन्होंने कहा, “यह दुकान हर किसी के लिए नहीं है। जम्मू कश्मीर में अलग-अलग धर्मों के लोग रहते हैं। जो लोग जम्मू-कश्मीर के बाहर से आते हैं, यह दुकान उनके लिए है।” उन्होंने जोर दिया कि उनकी सरकार ने शराब की कोई नयी दुकान नहीं खोली है और यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि ऐसी दुकानें उन इलाकों में न हों जहां युवाओं पर बुरा असर पड़ सकता हो। उन्होंने कहा, “सबसे पहले हमने कोई नयी दुकान नहीं खोली। दूसरी बात, हमने पूरी कोशिश की कि कोई भी दुकान ऐसी जगह न हो जहां हमारे युवा भटक सकें। उन्होंने आलोचकों पर पलटवार करते हुए कहा कि पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी सरकार के तत्कालीन वित्त मंत्री ने भी पहले विधानसभा में इसी तरह का रुख जाहिर किया था।
गौरतलब है कि श्री अब्दुल्ला ने रविवार को गंदेरबल में कहा था कि किसी को भी शराब पीने के लिए मजबूर नहीं किया जा रहा है और लोग अपनी इच्छा से शराब की दुकानों पर जाते हैं। इस बयान से एक विवाद खड़ा हो गया था।
