नयी दिल्ली 09 अक्टूबर (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्यसभा और विधानसभा तथा लोकसभा के उपचुनाव के नतीजों को लेकर विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए परिणामों को लोकतंत्र की ओर से भीड़तंंत्र तथा छलतंत्र को करारा जवाब बताया है।
भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने चुनाव नतीजों के बाद पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शुक्रवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनावों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत, पश्चिम बंगाल और असम के उपचुनावों में पार्टी की सफलता तथा पुडुचेरी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) समर्थित उम्मीदवार की जीत लोकतंत्र की ओर से भीड़तंत्र को करारा जवाब है।
उन्होंने कहा, “आज लोकतंत्र ने भीड़तंत्र को करारा जवाब दिया है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनावों के संदर्भ में यह बात कही जा सकती है। भाजपा कार्यकर्ताओं की जीत की खबर से हम सभी बेहद खुश हैं।”
इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिये लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा और कहा, “15 जनवरी, 2025 को कांग्रेस के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष ने खुले तौर पर कहा था कि उनकी लड़ाई भाजपा के खिलाफ नहीं, बल्कि भारतीय राज्य के खिलाफ है। उस समय से लेकर अब तक उन्होंने इस बयान को सही ठहराने के लिए बार-बार हमारे संवैधानिक संस्थानों पर हमला किया है।”
भाजपा महासचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के सभी आठ राज्यसभा उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचित होना तथा असम के नगांव लोकसभा क्षेत्र, पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा उम्मीदवारों तथा पुडुचेरी के थट्टनचावडी विधानसभा क्षेत्र में राजग उम्मीदवार की जीत लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता के विश्वास को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि इन चुनावों में भाजपा-राजग की जीत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में संगठन के कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है।
श्रीमती ईरानी ने भाजपा ने सभी विजयी उम्मीदवारों, पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए संबंधित क्षेत्रों के निवासियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने श्री गांधी के ‘पितृसत्ता को समाप्त करो’ के नारे को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि और चुनाव नतीजों से कांग्रेस से जुड़े तंत्र की तथाकथित ‘पितृसत्ता खत्म करो’ मुहिम चलाने वाली टोली पूरी तरह बेनकाब हो गयी है।
इस दौरान उन्होंने सवाल किया कि क्या उनकी टोली अपने सांसद बिमोल अकोइजाम के खिलाफ यौन उत्पीड़न की गंभीर शिकायतों पर जवाबदेही की मांग करेगी या अपनी सुविधा के अनुसार इस मुद्दे पर चुप्पी साध लेगी?
उन्होंने कहा कि हालांकि इस मामले में कांग्रेस और श्री गांधी की ओर से कोई कार्रवाई करने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि श्री गांधी हाल ही में दिल्ली में महिला पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई करते हुए नजर आए थे, जिसका वीडियो सबूत के तौर पर देखा जा सकता है। ऐसे में क्या देश की कोई महिला श्री गांधी से यह उम्मीद कर सकती है कि यौन उत्पीड़न के खिलाफ वह कांग्रेस के किसी सांसद के विरुद्ध कार्रवाई करेंगे। नारे लगाना श्री गांधी के लिए आसान है, लेकिन उन पर अमल करना आसान नहीं है।
