
मुंबई, 05 सितंबर (वार्ता) सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अपनी शाखाओं और कार्यालयों में जिम्मेदार कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए बिस्लेरी इंटनेशनल के साथ साझेदारी की है। इस सहयोग के तहत बिस्लेरी एसबीआई के कर्मचारियों और सफाई कर्मचारियों के लिए जिम्मेदार प्लास्टिक कचरा प्रबंधन पर प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगी। साथ ही वह बैंक के कार्यालयों से इस्तेमाल किये गये प्लास्टिक कचरे को इकट्ठा करके उसे रीसाइक्लिंग के लिए भेजने का काम भी करेगी। एसबीआई और बिस्लेरी ने शनिवार को एक ‘लेटर ऑफ एसोसिएशन’ (सहयोग समझौता) पर हस्ताक्षर किये।
बिस्लेरी ने “बॉटल्स फॉर चेंज” नाम से एक पहल शुरू की है। इसके जरिये वह संस्थानों, हाउसिंग सोसायटियों, कंपनियों और समाज को जिम्मेदार प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के बारे में जागरूक करती है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक (रिस्क, कंप्लायंस और एसएजीआर) रवि रंजन ने कहा, “बिस्लेरी के साथ ‘बॉटल्स फॉर चेंज’ पहल के तहत हमारा सहयोग हमारे रोजमर्रा की कार्यस्थल संस्कृति में पर्यावरण अनुकूल तौर-तरीकों को शामिल करने की दिशा में एक कदम है। हमारा मानना है कि जब कर्मचारी जिम्मेदार फैसले लेने के लिए सशक्त होते हैं, तो यह जागरूकता हमारे कार्यालयों से आगे बढ़कर उन समाज तक भी पहुंचती है जिनकी हम सेवा करते हैं और जिनका हम हिस्सा हैं।”
बिस्लेरी इंटरनेशनल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एंजेलो जॉर्ज ने कहा, “जिम्मेदार प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की शुरुआत जागरूकता और सामूहिक पहल से होती है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ हमारी साझेदारी देश के सबसे बड़े संस्थानों में से एक की पहुंच और ‘बॉटल्स फॉर चेंज’ के जरिये बिस्लेरी के अनुभव को एक मंच पर लाती है, ताकि इस्तेमाल किये गये प्लास्टिक को जिम्मेदारी से अलग करने, इकट्ठा करने और रीसाइकिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। ”
