
जबलपुर। स्वामित्व योजना के तहत ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 के निष्पादन को लेकर मध्य प्रदेश में पटवारियों और प्रशासन के बीच तनाव अब और अधिक बढ़ गया है। जबलपुर जिले के करीब 500 पटवारियों ने शुक्रवार को अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है जिसके चलते राजस्व काम बुरी तरह प्रभावित हो गया है। शुक्रवार को तहसीली कार्यालय में एकत्रित होकर पटवारियों ने धरना देकर अपनी आवाज को बुलंद किया। इस दौरान पटवारियों ने कहा कि जब तक शासन-प्रशासन रजिस्ट्री के काम में निष्पादक के नाम पर पटवारियों के आधार कार्ड लेना और पटवारियों का नाम लेना बंद नहीं करती तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
पटवारियों का ये भी स्पष्ट कहना है कि स्वामित्व योजना में जो रजिस्ट्रियां होतीं हैं उनमें पटवारियों का सिर्फ पदनाम होता है जबकि इन दिनों पटवारियों से आधार कार्ड और उनके नाम का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही पटवारियों की दूसरी मांग ये भी है कि देवास में 4 और जबलपुर जिले के जो 17 पटवारियों को निलंबित किया गया है उन्हें भी जल्द से जल्द बहाल किया जाए। मप्र पटवारी संघ का आरोप है कि समस्याओं का समाधान करने के बजाय प्रशासन दमनकारी नीति अपनाकर पटवारियों पर एकतरफा कार्रवाई कर रहा है।
कलेक्टर ने भी लिया था एक्शन
विदित हो कि शासन स्तर पर मिली फटकार के बाद कलेक्टर भी एक्शन मोड में आ गए और उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री, बकेट क्लेम, पीएम किसान योजना, किसानों की ई-केवायसी तथा स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के निष्पादन जैसे महत्वपूर्ण शासकीय कार्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने पर जिले में पदस्थ के 17 पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। इसके साथ ही दो पटवारियों की दो-दो वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी गई है तथा 164 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
