पुणे, (वार्ता) प्रसिद्व फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार देर रात डोंजे गांव में उनके फार्महाउस पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
श्री पाटेकर का आज सुबह गोवा में निधन हो गया था। वह 75 वर्ष के थे।
महाराष्ट्र सरकार ने मराठी एवं हिंदी सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किये जाने की घोषणा की थी।
नाना पाटेकर की अंतिम यात्रा देर शाम खड़कवासला और सिंहगढ़ के पास डोंजे गांव में उनके 27 एकड़ के फार्महाउस , नानाची वाडी पर खत्म हुई।
पाटेकर की ज़िंदगी में इस फार्महाउस की खास जगह थी। वह अक्सर वहाँ समय बिताते थे और खेती और ग्रामीण जीवन से बहुत करीब से जुड़े थे।
उनके सामाजिक कामों, खासकर नाम फाउंडेशन की गतिविधियों के कारण इस इलाके से उनका जुड़ाव और भी खास हो गया, जिसने किसानों और लोगों के साथ काम किया है।
डोंजे और आस-पास के इलाकों से लोग, उनके प्रशंसक, फिल्म जगत के सदस्यों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी।
दिवंगत अभिनेता के अंतिम संस्कार में कई जाने-माने लोग शामिल हुए जिनमें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल , महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे , नगरीय विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसाल, भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर और भीमराव तपकीर; पार्षद सदाभाऊ खोत और महाराष्ट्र सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव तुकाराम मुंढे शामिल थे। जांगिड़ वार्ता
