
नई दिल्ली: यशोभूमि में आयोजित India Mobile Congress 2026 में टेक्नोलॉजी की ऐसी झलक देखने को मिली, जिसमें रोशनी के जरिए डेटा भेजकर मशीन को नियंत्रित करने का प्रदर्शन किया गया। LiFi यानी Light Fidelity पर आधारित इस डेमो में लैपटॉप से कमांड देकर हाइड्रॉलिक सिस्टम को संचालित करते हुए दिखाया गया।
*क्या है LiFi और कैसे करती है काम?*
LiFi में डेटा ट्रांसफर के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी के बजाय प्रकाश का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें खास LED लाइट के जरिए बेहद तेजी से सिग्नल भेजे जाते हैं। रोशनी की तीव्रता में होने वाले ये बदलाव इंसानी आंखों को दिखाई नहीं देते, लेकिन रिसीवर इन्हें डिजिटल डेटा में बदलकर पढ़ सकता है।
*लैपटॉप से हाइड्रॉलिक मशीन को कमांड*
IMC 2026 के प्रदर्शन में LiFi सिस्टम को हाइड्रॉलिक मशीन से जोड़ा गया। इसमें कंप्यूटर से दिए गए निर्देशों को प्रकाश के माध्यम से मशीन तक पहुंचाया गया और मशीन ने उसी के अनुरूप प्रतिक्रिया दी। इस तरह के सिस्टम भविष्य में उन जगहों पर उपयोगी हो सकते हैं, जहां मशीनों को दूर से नियंत्रित या मॉनिटर करने की जरूरत होती है।
इस तकनीक की एक संभावित खासियत यह भी है कि ऑटोमेशन बढ़ने के साथ एक ऑपरेटर कई मशीनों की निगरानी और नियंत्रण कर सके। हालांकि, वास्तविक उपयोग इसकी तकनीकी क्षमता, सुरक्षा, लागत और अलग-अलग औद्योगिक परिस्थितियों में प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
*AI के साथ जुड़ने पर बढ़ सकती है संभावनाएं*
LiFi आधारित मशीन कंट्रोल को अगर आगे AI और ऑटोमेशन सिस्टम के साथ जोड़ा जाता है, तो मशीनों को डेटा के आधार पर कुछ प्रक्रियाएं खुद संचालित करने के लिए विकसित किया जा सकता है। इससे उत्पादन और औद्योगिक कामकाज के तरीके में बदलाव की संभावनाएं बनती हैं।
इसका मतलब यह नहीं कि इंसानों की भूमिका खत्म हो जाएगी। बल्कि मशीनों के बढ़ते ऑटोमेशन के साथ निगरानी, प्रोग्रामिंग, रखरखाव और निर्णय लेने जैसे कामों की अहमियत बढ़ सकती है।
India Mobile Congress में प्रदर्शित LiFi हाइड्रॉलिक डेमो इस बात की एक झलक देता है कि आने वाले समय में लाइट, डेटा, कंप्यूटर और AI के मेल से मशीनों को नियंत्रित करने के तरीके किस तरह विकसित हो सकते हैं।
