IMC 2026 में टेक्नोलॉजी का कमाल, लैपटॉप से मशीन कंट्रोल तो ड्रोन से खेत में छिड़काव, जानिए

नई दिल्ली: India Mobile Congress 2026 में 5G और 6G कनेक्टिविटी के साथ कई ऐसी तकनीकों का प्रदर्शन भी किया जा रहा है, जो उद्योग और खेती जैसे क्षेत्रों में काम करने के तरीकों को बदल सकती हैं। यशोभूमि में चल रहे इस आयोजन में LiFi, एग्रीकल्चर ड्रोन और सॉयल टेस्टिंग सेंसर ने खास ध्यान खींचा।

इन तकनीकों में कहीं रोशनी के जरिए मशीन तक कमांड पहुंचाने का प्रदर्शन हुआ, तो कहीं ड्रोन से खेत में कृषि सामग्री के छिड़काव और सेंसर से मिट्टी की जानकारी जुटाने की क्षमता दिखाई गई।

*LiFi से रोशनी के जरिए मशीन तक पहुंची कमांड*

प्रदर्शनी में LiFi यानी Light Fidelity तकनीक पर आधारित हाइड्रॉलिक सिस्टम का डेमो किया गया। इसमें रेडियो तरंगों की जगह प्रकाश के माध्यम से डेटा ट्रांसफर करने का तरीका दिखाया गया।

विशेष LED लाइट की रोशनी में बेहद तेज बदलाव के जरिए डिजिटल डेटा भेजा जाता है। ये बदलाव इंसानी आंखों को सामान्य तौर पर नजर नहीं आते, लेकिन रिसीवर इन्हें डेटा के रूप में समझ सकता है।

डेमो में लैपटॉप से कमांड भेजी गई और LiFi के जरिए डेटा ट्रांसफर होने के बाद हाइड्रॉलिक मशीन ने उसी के अनुसार प्रतिक्रिया दी। भविष्य में ऐसी तकनीक का इस्तेमाल मशीनों की निगरानी और रिमोट ऑपरेशन जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक औद्योगिक इस्तेमाल तकनीकी जरूरतों और सिस्टम की विश्वसनीयता पर निर्भर करेगा।

*खेत में ड्रोन से होगा छिड़काव*

IMC 2026 में कृषि क्षेत्र से जुड़ी तकनीक भी प्रदर्शित की गई। Agricultural Drone के जरिए खेतों में फसल पर दवा और अन्य कृषि इनपुट का छिड़काव करने का तरीका दिखाया गया।

डेमो में दी गई जानकारी के मुताबिक, कुछ ड्रोन मॉडल करीब 10 से 15 मिनट में 3 एकड़ तक क्षेत्र में छिड़काव कर सकते हैं। प्रदर्शन में 10 लीटर और 15 लीटर क्षमता वाले टैंक वाले मॉडल की जानकारी भी दी गई।

ड्रोन आधारित छिड़काव से किसान को खेत में खुद लगातार रसायनों के संपर्क में जाने की जरूरत कम हो सकती है। साथ ही कम समय में बड़े क्षेत्र में काम करने की सुविधा मिल सकती है।

*Soil Sensor बताएगा मिट्टी की स्थिति*

खेती से जुड़ी एक और तकनीक Soil Testing Sensor है। इसका उद्देश्य खेत में ही मिट्टी से जुड़े जरूरी पैरामीटर की जानकारी हासिल करने में मदद करना है।

डेमो में सेंसर को मिट्टी में लगाकर Soil Moisture यानी नमी समेत मिट्टी से जुड़े अन्य मानकों की जानकारी लेने की प्रक्रिया दिखाई गई। इस तरह के डेटा से किसान को सिंचाई और कृषि इनपुट से जुड़े फैसले लेने में मदद मिल सकती है।

*LiFi, Drone और Sensor से बदल सकती है तस्वीर*

IMC 2026 में इन तकनीकों का प्रदर्शन यह दिखाता है कि कनेक्टिविटी अब सिर्फ मोबाइल और इंटरनेट तक सीमित नहीं रह गई है। Light, Data, Sensors, Drones और AI जैसी तकनीकों का इस्तेमाल मशीनों और कृषि क्षेत्र में भी तेजी से बढ़ने की संभावनाएं बना रहा है।

एक तरफ LiFi मशीनों को डेटा और रोशनी के जरिए नियंत्रित करने की संभावना दिखाता है, तो दूसरी तरफ ड्रोन खेती के काम को ज्यादा तेज और स्वचालित बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। वहीं सॉयल सेंसर खेत की स्थिति को डेटा के जरिए समझने में मदद कर सकते हैं।

India Mobile Congress 2026 में दिखी ये तकनीकें आने वाले समय की उस तस्वीर की झलक देती हैं, जहां मशीनों से लेकर खेती तक कई फैसले डेटा और स्मार्ट तकनीक की मदद से लिए जा सकते हैं।

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