
बैतूल। शहर में कायाकल्प 2.0 योजना के तहत करीब दो करोड़ रुपये की लागत से कराए जा रहे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता संबंधी खामियां मिलने पर नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने संबंधित ठेकेदार का भुगतान तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। जानकारी के अनुसार गंज क्षेत्र में एचडीएफसी बैंक से टांगा स्टैंड तक लगभग 180 मीटर लंबी सड़क, नाली और रोड डिवाइडर का निर्माण कार्य कायाकल्प 2.0 योजना के तहत कराया जा रहा है। मंगलवार को सीएमओ नवनीत पाण्डेय ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर कार्य की गुणवत्ता की जांच की।
निरीक्षण के दौरान रोड डिवाइडर की मजबूती जांचने के लिए किए गए परीक्षण में प्लास्टर आसानी से झड़ने लगा, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए। मौके पर निर्माण सामग्री और कार्यप्रणाली में भी कई खामियां सामने आईं। अधिकारियों ने पाया कि कार्य शासन द्वारा निर्धारित तकनीकी मापदंडों और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा था।
सीएमओ ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित ठेकेदार के प्रति नाराजगी जताई और एजेंसी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्य का भुगतान तत्काल प्रभाव से रोकने के आदेश दिए गए। यह कार्य मुरैना की फर्म ‘घरोना सरकार’ को सौंपा गया है।
श्री पाण्डेय ने कहा कि नगर के विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता के कर और सरकारी धन से होने वाले विकास कार्यों में निर्धारित मानकों का पालन अनिवार्य है तथा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि आवश्यक सुधार नहीं किए जाने पर संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने सहित अन्य दंडात्मक कदम भी उठाए जा सकते हैं। नगर पालिका प्रशासन ने निर्माण कार्य की पुनः तकनीकी जांच कराने और सभी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए हैं।
