नयी दिल्ली, 08 अक्टूबर (वार्ता) कांग्रेस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए 10 दिन पहले आवेदन करने की शर्त पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि किसी घटना के तत्काल विरोध के लिए लोगों को इतने दिन इंतजार करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह खबर चौंकाती है कि जंतर-मंतर पर किसी भी प्रदर्शन के लिए कम से कम 10 दिन पहले आवेदन करना होगा। उन्होंने दिल्ली पुलिस के इस फरमान पर आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि यदि आज किसी के साथ अत्याचार हो जाए, किसी की बेरहमी से हत्या हो जाए या लोकतंत्र पर हमला कर दिया जाए तो क्या लोगों को उसके विरोध के लिए 10 दिन इंतजार करना होगा।
उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि उच्चतम न्यायालय या किसी सरकार ने ऐसा कोई कानून बनाया है या बना सकती है कि एक आजाद देश में लोग अपने मौलिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए इतने दिन इंतजार करें।
कांग्रेस नेता ने कहा कि संविधान नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है और धरना-प्रदर्शन के माध्यम से सरकार पर दबाव बनाने का अधिकार भी देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है और निर्वाचन आयोग को भाजपा की ‘बी टीम’ बना दिया गया है। श्री गौतम ने कहा कि जवाबदेही से बचने के लिए गृह मंत्री अमित शाह पुलिस को आगे कर देते हैं और पिछले दो दिनों में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ पुलिस ने जिस तरह का व्यवहार किया, वह शर्मनाक है।

