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जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस शासकीय मेडिकल कालेज में उपचार के दौरान स्वर्गीय किशोर विश्वकर्मा की संदिग्ध मौत का मामला न्यायालय पहुंच गया है। मृतक की पत्नी जबलपुर निवासी प्रीति विश्वकर्मा ने परिवाद दायर कर आरोप लगाया है कि उनके पति की मौत के बाद उनके अंग निकालकर बेच दिए गए और शव को अज्ञात व्यक्ति बताकर दफना दिया गया। प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट पंकज सविता की अदालत में दायर परिवाद पर 13 नवंबर को परिवादिनी के बयान दर्ज होंगे। उनकी ओर से अधिवक्ता विवेक तिवारी पैरवी कर रहे हैं। परिवाद के अनुसार प्रीति 12 अगस्त 2025 को पति को उपचार के लिए मेडिकल कालेज लेकर पहुंची थीं। आरोप है कि बाद में उन्हें पति के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
पुलिस रिकार्ड में 13 अगस्त को मृत्यु और मर्ग रिकार्ड में अज्ञात व्यक्ति के रूप में शव मिलने का उल्लेख होने का दावा किया गया है। परिवादिनी ने 14 अगस्त की रात अस्पताल में स्ट्रेचर पर पति को पहचानने का भी दावा किया है। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी रजिस्टर, कैजुअल्टी व मेडिकल रिकार्ड, मर्ग डायरी, पोस्टमार्टम और मॉर्च्युरी रिकॉर्ड तलब करने तथा जरूरत पड़ने पर शव निकलवाकर फोरेंसिक जांच कराने की मांग की है। आरोपों की सत्यता न्यायालयीन प्रक्रिया और जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
