जबलपुर: देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शामिल जबलपुर रेलवे स्टेशन का पार्सल कार्यालय इन दिनों अव्यवस्था का शिकार होता नजर आ रहा है। यहां कई दिनों तक पड़े लावारिस और बिना उठाए गए पार्सल के डिब्बे धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त होते जा रहे है। ट्रेन से आने वाले पार्सल कर्मचारियों द्वारा सही तरीके से नहीं उतारे जाने के कारण कई कार्टन फट रहे हैं, जिनमें रखा सामान बाहर दिखाई देने लगता है। यह स्थिति न केवल रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि यात्रियों और व्यापारियों के सामान की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर रही है।
पार्सल कार्यालय में बड़ी संख्या में ऐसे कार्टन और पैकेट पड़े हुए हैं जिन्हें समय पर न तो संबंधित व्यक्ति ने प्राप्त किया और न ही उनके सुरक्षित संरक्षण की समुचित व्यवस्था दिखाई देती है। बरसात के मौसम में कई पैकेज नमी के कारण खराब हो जाने का भी डर बन रहा है। फटे हुए कार्टनों से सामान बाहर निकलने की स्थिति बन गई है, जिससे सामान के गायब होने या उसके साथ छेड़छाड़ की आशंका भी बढ़ गई है। स्टेशन परिसर में आने-जाने वाले लोगों के बीच भी इस अव्यवस्था की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार पार्सल कार्यालय में पहले भी सामान की चोरी और टूट-फूट से जुड़े मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों के बाद सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को मजबूत किए जाने की अपेक्षा थी, लेकिन वर्तमान हालात देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि जिम्मेदार अधिकारियों ने पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखाई। यदि फटे हुए पार्सलों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर नहीं रखा गया और नियमित निगरानी नहीं बढ़ाई गई, तो भविष्य में सामान की चोरी, नुकसान या विवाद की घटनाएं और बढ़ सकती हैं।
सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए
व्यापारियों और नियमित रूप से पार्सल सेवा का उपयोग करने वाले लोगों का कहना है कि वे अपने सामान को रेलवे के भरोसे भेजते हैं, लेकिन यदि पार्सल कार्यालय में ही सुरक्षा और रखरखाव के मानकों का पालन नहीं होगा तो लोगों का विश्वास कमजोर होना स्वाभाविक है। उनका कहना है कि पार्सलों का समय-समय पर सत्यापन, उचित भंडारण, सीसीटीवी निगरानी और लावारिस सामान के शीघ्र निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारी केवल पार्सल बुक करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे अंतिम समय तक सामान की सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी होती है। ऐसे में आवश्यक है कि जबलपुर रेलवे स्टेशन के पार्सल कार्यालय का तत्काल निरीक्षण कराया जाए, फटे और क्षतिग्रस्त कार्टनों की जांच हो, लावारिस पार्सलों का नियमानुसार निस्तारण किया जाए तथा सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए। इससे यात्रियों और व्यापारियों का भरोसा कायम रहेगा तथा भविष्य में चोरी, टूट-फूट और अव्यवस्था जैसी शिकायतों पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
