हैदराबाद, भारत में मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘सतलुज’ को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने का मामला तूल पकड़ गया है। फिल्म के मुख्य अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने इस घटना पर अपनी बेबाकी से प्रतिक्रिया दी है। वायरल वीडियो में दिलजीत को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि उन्हें पहले से ही इस कार्रवाई की आशंका थी। उन्होंने प्रशंसकों से कहा कि जो लोग फिल्म को रोकना चाहते हैं, वे कोशिश कर सकते हैं, लेकिन तब तक इसे कई लोग डाउनलोड कर चुके हैं।
तनावमुक्त नजर आए अभिनेता
लाइवस्ट्रीम के दौरान दिलजीत दोसांझ फिल्म हटाए जाने की संभावना के बावजूद बिल्कुल शांत और तनावमुक्त दिखे। उन्होंने अपने प्रशंसकों को आश्वस्त करते हुए कहा, “मुझे कोई टेंशन नहीं है, मैं एकदम फ्री बैठा हूं।” अभिनेता का यह आत्मविश्वास उनके प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज नहीं किया गया था और सीबीएफसी द्वारा 120 से अधिक कट्स की मांग के बाद इसे सीधे ओटीटी पर एक नए टाइटल ‘सतलुज’ के साथ रिलीज किया गया था।
फिल्म के पीछे का गहरा संघर्ष
‘सतलुज’ फिल्म पंजाब के सबसे काले दौर और जसवंत सिंह खालरा के न्याय के लिए संघर्ष की कहानी है। यह फिल्म उस दौर में हजारों अज्ञात शवों के अवैध दाह संस्कार के गंभीर विषय को उजागर करती है। फिल्म के शीर्षक में बदलाव और पंजाब से जुड़े संदर्भों को हटाने के सीबीएफसी के निर्देशों के बाद यह पहले से ही विवादों में थी। फिलहाल, अभिनेता की इस बेबाक प्रतिक्रिया ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।

