
इटारसी। आयुध निर्माणी परिसर के आवासीय क्षेत्र में पिछले 15 दिनों से दहशत का कारण बने तेंदुए को आखिरकार वन विभाग ने पिंजरे में कैद कर लिया। मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब4 बजे के बीच तेंदुआ बकरे के लालच में पिंजरे के अंदर पहुंच गया। सुबह वन विभाग की टीम को इसकी जानकारी मिली, जिसके बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली।
तेंदुए की लगातार गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने आयुध निर्माणी प्रबंधन की अनुमति मिलने के बाद 29 सितंबर को अंकुर विद्यालय और अस्पताल परिसर के आसपास पिंजरा लगाया था। तेंदुए को आकर्षित करने के लिए पिंजरे में बकरा बांधा गया था। साथ ही उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वनकर्मियों की 12-12 घंटे की दो शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई थी।
बताया गया कि तेंदुआ स्कूल और आवासीय क्षेत्र के आसपास दिखाई दे रहा था, जिससे कर्मचारी परिवारों और स्थानीय लोगों में डर का माहौल था। वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही थी। आखिरकार बुधवार तेंदुआ पिंजरे में पहुंचा और रेस्क्यू अभियान सफल हो गया।
तेंदुए के पकड़े जाने के बाद वन विभाग के अधिकारियों और वन्यप्राणी चिकित्सकों को सूचना दी गई है। अब विशेषज्ञ चिकित्सक तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे। स्वास्थ्य परीक्षण में तेंदुआ स्वस्थ पाए जाने पर विभागीय प्रोटोकॉल के अनुसार उसे सुरक्षित प्राकृतिक वास में छोड़े जाने की प्रक्रिया की जाएगी।
रेस्क्यू के दौरान फॉरेस्ट गार्ड पांडरी विजय रैकवार, बागदेव चौकी प्रभारी अजय श्रीवास्तव सहित वन विभाग की टीम मौजूद रही। तेंदुए के पकड़े जाने से आयुध निर्माणी परिसर और आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली है।
