पांढुरना:बहुप्रतीक्षित भूली जलाशय के लिए चार ग्रामों के किसानों की खेती तथा दो ग्रामों को विस्थापित करने जारी प्रक्रिया को लेकर नाराज ग्रामीणों से चर्चा करने आज ग्राम भूली पहुंचे राजस्व विभाग के अधिकारियों से पहली बार प्रभावित किसानों तथा ग्रामीणों ने चर्चा की इस दौरान अधिकारियों ने प्रभावित किसानों के साथ जमीन पर बैठकर उनकी मांगों को सुनते हुए इसे विभाग के उच्च अधिकारियों को बताने की बात कहीं,इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि उनकी मांगे स्वीकार होने पर ही यह ग्राम में सर्वे कराने देंगे।
प्रभावित किसानों की प्रमुख मांग
गौरतलब हो कि ग्राम भूली जलाशय निर्माण को लेकर राजस्व विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्र के किसानों की खेती के साथ ही डूब क्षेत्र के दो प्रमुख ग्राम भूली तथा खडकी को यहां से विस्थापित करने कि जा रहीं प्रक्रिया के तहत प्रभावित ग्रामीणों द्वारा उनकी पुश्तैनी खेती का चार गुणा मुआवजा के साथ ही मकान के बदले अच्छी जगह पर पक्के मकान बनाकर देंने तथा पीड़ित किसानों के बच्चों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर शासकीय नौकरी देंने की प्रमुख मांग है।
दो बार बैरंग लौटने के बाद आज पहली बार हुई चर्चा
हालांकि इसके पूर्व दो बार राजस्व विभाग के अधिकारियों की टीम प्रभावित किसानों तथा ग्रामीणों से चर्चा करने गए थे, लेकिन नाराज ग्रामीणों से संवाद ही नहीं हो पाने से दोनों बार अधिकारियों को बैरंग ही लौटना पड़ा। जिला कलेक्टर के निर्देश पर मंगलवार को फिर राजस्व विभाग की टीम ने ग्राम भूली पहुंचकर ग्रामीणों ने संवाद करने का प्रयास किया,इस दौरान कई जागरूक ग्रामीणों की पहल पर अधिकारियों से चर्चा करने पर राजी हुए,जिसके बाद ग्राम भूली के मुख्य मार्ग पर ही ग्रामीणों के साथ राजस्व विभाग के अधिकारियों ने जमीन पर बैठकर चर्चा की गई,इस दौरान प्रभावित किसानों तथा ग्रामीणों ने उनकी पुश्तैनी खेती का चार गुणा ग्राम मोरडोंगरी में नेशनल हाईवे के समय वहां के किसानों को दिए गए मुआवजे के अनुरूप ही राशि देंने या फिर खेती के जमीन के बदले खेत,विस्थापित लोगों को पक्के मकान,आदि मांग की है ।
किसानों को आश्वासन देकर लौटे अधिकारी
किसानों तथा ग्रामीणों की बातों को राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा ध्यान पूर्वक सुनते हुए इन सभी बातों से विभाग के उच्च अधिकारियों को बताते हुए उनके निर्देशानुसार तथा शासन के गाइडलाइन के अनुसार कार्य करने की बात कहते हुए सभी अधिकारी दोपहर बाद जिला मुख्यालय लौट आए।
निर्णय पर सभी कि निगाहें
पहली बार प्रभावित किसानों तथा ग्रामीणों से सौहाद्रपूर्ण वातावरण में हुई चर्चा के बाद अब इस मामले में क्या हल निकलता है,इस और सभी कि निगाहें लगी हुई है।
